Wednesday, July 1

North East

मेघालय की खदान में धमाका: 10 मजदूरों की मौत, कई घायल
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मेघालय की खदान में धमाका: 10 मजदूरों की मौत, कई घायल

शिलांग: पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में गुरुवार को एक भयानक हादसा हुआ। राज्य के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के म्यनसिंघट-थांगस्को इलाके में अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट हो गया, जिसमें 10 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों को तुरंत शिलांग के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना की पुष्टि ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने की है। मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है और इसकी प्रक्रिया जारी है। उल्लेखनीय है कि इसी थांगस्को इलाके में 23 दिसंबर, 2025 को भी डायनामाइट विस्फोट हुआ था, जिसमें दो खनिकों की जान गई थी। अवैध खनन के दौरान हुआ हादसारिपोर्टों के अनुसार, विस्फोट के बाद जिस पहाड़ी पर अवैध खनन चल रहा था, वह आंशिक रूप से ढह गई। इस कारण अभी भी कुछ खनिक फंसे हो सकते हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और अग्निशमन व आपातकालीन सेवाओं के कर्मियों को त...
मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटा, वाई खेमचंद सिंह ने सरकार बनाने का दावा पेश किया
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मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटा, वाई खेमचंद सिंह ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

इंफाल (अचलेंद्र कटियार): मणिपुर में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक में वाई खेमचंद सिंह को नेता चुना गया। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल अजय भल्ला के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया। कुछ ही देर बाद केंद्र सरकार ने मणिपुर से राष्ट्रपति शासन को हटा लिया। मौजूदा फॉर्मूले के तहत बीजेपी ने मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री के पद तय किए हैं। राज्य में वाई खेमचंद सिंह के नेतृत्व में बीजेपी और एनडीए के घटक दलों की सरकार जल्द ही शपथ ग्रहण करेगी। वाई खेमचंद सिंह मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री होंगे और वह मैतेई समुदाय से आते हैं। उन्हें उदारवादी नेता के रूप में जाना जाता है। नई सरकार की ताजपोशी को मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हाल की जातीय हिंसा के बाद शांति बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्य विधानसभा की वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो 60 स...
दिल्ली परेड में दिखी नागालैंड की झांकी, हॉर्नबिल महोत्सव की सांस्कृतिक छटा
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दिल्ली परेड में दिखी नागालैंड की झांकी, हॉर्नबिल महोत्सव की सांस्कृतिक छटा

  कोहिमा/नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में भारत के विभिन्न राज्यों की झांकियों ने अपनी सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया। इस बार नागालैंड की झांकी में हॉर्नबिल महोत्सव को प्रस्तुत किया गया, जिसे राज्य की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और सामुदायिक आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रतीक माना जाता है। झांकी के केंद्र में राजसी ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल पक्षी खड़ा था।   हॉर्नबिल महोत्सव क्या है?   यह नगालैंड की लड़ाकू जनजातियों का सबसे बड़ा वार्षिक उत्सव है। महोत्सव हर साल दिसंबर के पहले सप्ताह में कोहिमा जिले के किसामा हेरिटेज विलेज में आयोजित होता है। यह दस दिवसीय कार्यक्रम नागालैंड के सभी जातीय समूहों की संस्कृति, रीति-रिवाज, नृत्य, गीत और भोजन की विविधता को प्रदर्शित करता है। महोत्सव का नाम ग्रेट हॉर्नबिल पक्षी पर रखा गया है, जो जनजातियों के ...
सुदूर गांव में अकेला मतदाता—वोट की गोपनीयता बचाने के लिए चुनाव आयोग की टीम ने 40 किमी दूर जाकर दिलवाया मतदान
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सुदूर गांव में अकेला मतदाता—वोट की गोपनीयता बचाने के लिए चुनाव आयोग की टीम ने 40 किमी दूर जाकर दिलवाया मतदान

मिजोरम के दूरस्थ और दुर्गम गांव हमावंगबुछुआ में हाल ही में हुए लाई स्वायत्त जिला परिषद (LADC) के चुनाव के दौरान एक अनोखी स्थिति सामने आई। गांव में केवल एक पात्र मतदाता होने के कारण उसकी वोटिंग गोपनीयता चुनौती बन गई थी। मतदाता लालसांगबेरा ने EVM पर मतदान से इनकार करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से मतदान की स्थिति में उसका वोट स्पष्ट रूप से उजागर हो जाएगा। गोपनीयता के लिए चुनाव आयोग की टीम ने किया 40 किमी का सफर लॉन्गटलाई के उपायुक्त डोनी लालरुअत्सांगा के अनुसार, मतदाता की गोपनीयता बनाए रखने के लिए आयोग ने विशेष व्यवस्था की।नोडल अधिकारी लालनुन्पुइया और सुरक्षाकर्मियों की टीम लॉन्गटलाई शहर से 40 किलोमीटर की कठिन यात्रा करके गांव पहुंची और लालसांगबेरा को डाक मतपत्र (Postal Ballot) के माध्यम से मतदान का अधिकार सुरक्षित रूप से प्रदान किया। क्यों नहीं किया EVM से मतदान? EVM प...
RSS प्रमुख मोहन भागवत कल मणिपुर दौरे पर, आम नागरिक और आदिवासी नेताओं से करेंगे मुलाकात
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RSS प्रमुख मोहन भागवत कल मणिपुर दौरे पर, आम नागरिक और आदिवासी नेताओं से करेंगे मुलाकात

इंफाल: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत 20 नवंबर को मणिपुर दौरे पर जा रहे हैं। यह दौरा मणिपुर में हाल ही में शुरू हुई हिंसा के बाद उनका पहला दौरा होगा। भागवत इस यात्रा के दौरान आम नागरिकों, व्यापारियों और आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। आरएसएस के राज्य महासचिव तरुणकुमार शर्मा ने बताया कि मोहन भागवत तीन दिनों तक मणिपुर में रहेंगे। उनका यह दौरा संघ के शताब्दी समारोह से जुड़ा है। वह 20 नवंबर को गुवाहाटी से मणिपुर आएंगे और 22 नवंबर को वापस लौटेंगे। इससे पहले भागवत 2022 में मणिपुर आए थे। इस यात्रा के दौरान मोहन भागवत अलग-अलग समूहों से बातचीत करेंगे। 20 नवंबर को वे इंफाल के कोंजेंग लेकाई में व्यापारियों और जाने-माने लोगों से मुलाकात करेंगे। 21 नवंबर को वे मणिपुर की पहाड़ियों में आदिवासी नेताओं से मिलेंगे और उनकी समस्याओं और मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ...