Tuesday, April 7

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अमेरिकी दबाव के बीच भारत को ब्रिक्स की कमान, नई अध्यक्षता में किए बड़े बदलाव
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अमेरिकी दबाव के बीच भारत को ब्रिक्स की कमान, नई अध्यक्षता में किए बड़े बदलाव

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त तेवर और वैश्विक दबाव के बीच भारत को ब्रिक्स की अध्यक्षता मिली है। ब्राजील से यह कमान प्राप्त होना केवल औपचारिक नहीं बल्कि गहरे प्रतीकवाद से भरा रहा। भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स की दिशा लचीलापन, नवाचार, सतत विकास और सहयोग पर केंद्रित रहेगी, जो वैश्विक संतुलन के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। ब्राजील से भारत को कमान का हस्तांतरण ब्राजील ने भारत को अमेज़न वर्षावन की पुनर्चक्रित लकड़ी से बना प्रतीकात्मक हथौड़ा सौंपा, जो सतत विकास और आपसी सहयोग का प्रतीक है। ब्राजील के ब्रिक्स शेरपा मौरिसियो लिरियो ने बताया कि यह प्रतीक भारत की आगामी अध्यक्षता पर विश्वास को दर्शाता है। भारत आधिकारिक रूप से 1 जनवरी 2026 से ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा। ब्राजील की अध्यक्षता में हुई प्रगति 11–12 दिसंबर को ब्रासीलिया में ब्रिक्स शेरपाओं की बैठक में ब्...
कीर्ति आजाद की मुश्किलें बढ़ीं: लोकसभा में ई-सिगरेट आरोप, टीएमसी भी पीछे हट गई
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कीर्ति आजाद की मुश्किलें बढ़ीं: लोकसभा में ई-सिगरेट आरोप, टीएमसी भी पीछे हट गई

नई दिल्ली: लोकसभा में ई-सिगरेट पीने का आरोप सामने आने के बाद टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वीडियो वायरल होने के साथ ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया था। वहीं, टीएमसी ने भी खुद को इस मामले से अलग कर लिया है, जिससे साफ है कि कीर्ति आजाद को पार्टी का वह पूरा समर्थन नहीं मिलेगा, जैसा कि अन्य मामलों में कुछ सांसदों को मिलता रहा। क्यों बढ़ी मुश्किलें बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने शून्यकाल में सदन में बिना नाम लिए इस मुद्दे को उठाया और मांग की कि टीएमसी सांसद पर सदन में ई-सिगरेट पीने के लिए कार्रवाई हो। इसके अगले दिन अनुराग ठाकुर ने लिखित शिकायत भी दर्ज कराई, जिसमें लिखा था कि सत्र के दौरान कीर्ति आजाद को सरेआम ई-सिगरेट पीते हुए देखा गया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भरोसा दिया कि लिखित शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं टीएमसी के नेता अभ...
कार डिप्लोमेसी के धुरंधर: पीएम मोदी का वैश्विक कूटनीति में अनोखा अंदाज
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कार डिप्लोमेसी के धुरंधर: पीएम मोदी का वैश्विक कूटनीति में अनोखा अंदाज

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘कार डिप्लोमेसी’ एक बार फिर चर्चा में है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने अनोखे कूटनीतिक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले पीएम मोदी ने हाल ही में जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला II और इथियोपियाई प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ कार में यात्रा की। यह पहला अवसर नहीं है जब पीएम मोदी ने किसी वैश्विक नेता के साथ कार में सफर किया हो। विश्व के दिग्गज नेताओं के साथ कार यात्रा पीएम मोदी इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, इज़राइल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ कार में सफर कर चुके हैं। कूटनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह की यात्रा नेताओं के बीच भरोसे और व्यक्तिगत जुड़ाव को दर्शाती है। जॉर्डन और इथियोपिया में व्यक्तिगत सम्मान जॉर्डन म...
 ‘भारत मॉडल’ की राह पर अमेरिका? डोनाल्ड ट्रंप का ‘वॉरियर डिविडेंड’ और मिड टर्म चुनाव की सियासत
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 ‘भारत मॉडल’ की राह पर अमेरिका? डोनाल्ड ट्रंप का ‘वॉरियर डिविडेंड’ और मिड टर्म चुनाव की सियासत

नई दिल्ली: भारत में चुनावी राजनीति का एक जाना-पहचाना हथकंडा रहा है—मुफ्त सुविधाएं, नकद सहायता और कल्याणकारी योजनाओं की बौछार। अब लगता है कि यही चुनावी फॉर्मूला अमेरिका की राजनीति में भी दस्तक दे चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिड टर्म चुनाव से ठीक पहले बड़ा ऐलान करते हुए देश के लाखों सैनिकों को नकद बोनस देने का फैसला किया है, जिसे राजनीतिक गलियारों में ‘भारत मॉडल’ से जोड़कर देखा जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिसमस से पहले अमेरिका के करीब 14.5 लाख (1.45 मिलियन) सैनिकों को 1,776 डॉलर (लगभग 1.6 लाख रुपये) देने की घोषणा की है। इस योजना को उन्होंने ‘वॉरियर डिविडेंड’ नाम दिया है। ट्रंप के मुताबिक, यह राशि हाल में लगाए गए टैरिफ से हुई कमाई से दी जाएगी और इसका उद्देश्य सैन्य परिवारों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को कम करना है। व्हाइट हाउस से ऐलान, छुट्टियों से पहले मिलेगा पैसा यह घो...
बांग्लादेश में भारत-विरोधी ज़हर कौन घोल रहा है? कट्टरपंथ और पाकिस्तान की बढ़ती दखलअंदाज़ी से बिगड़ते रिश्ते
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बांग्लादेश में भारत-विरोधी ज़हर कौन घोल रहा है? कट्टरपंथ और पाकिस्तान की बढ़ती दखलअंदाज़ी से बिगड़ते रिश्ते

नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तेजी से बढ़ता तनाव अब केवल कूटनीतिक चिंता नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चेतावनी बनता जा रहा है। फरवरी 2026 में प्रस्तावित बांग्लादेशी चुनावों से पहले पड़ोसी देश में जिस तरह भारत-विरोधी गतिविधियां तेज हुई हैं, उसने दोनों देशों के दशकों पुराने भरोसे को झकझोर दिया है। एक समय शेख हसीना के नेतृत्व में भारत-बांग्लादेश संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का मॉडल माना जाता था, लेकिन मौजूदा हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। हाल के महीनों में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले, भारत-विरोधी बयानबाजी और अब ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग को घेरने की कोशिश ने नई दिल्ली की चिंता बढ़ा दी है। ढाका में उग्र प्रदर्शन, भारतीय मिशन निशाने पर बुधवार को ‘जुलाई यूनिटी’ के बैनर तले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने ढाका में भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च किया और भारत-...
भारत में मानसिक स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए 9 साल बाद नेशनल सर्वे, सरकार जुटी आंकड़े जुटाने में
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भारत में मानसिक स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए 9 साल बाद नेशनल सर्वे, सरकार जुटी आंकड़े जुटाने में

नई दिल्ली।देश में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति का बड़ा आकलन करने के लिए केंद्र सरकार पूरे 9 साल बाद नेशनल मेंटल हेल्थ सर्वे-2 (NMHS-2) शुरू कर रही है। इससे पता चलेगा कि लोगों में मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियां कितनी गंभीर हैं और किन समूहों को अधिक मदद की जरूरत है। सर्वे का मकसद और कवरेजइस सर्वे को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (NIMHANS), बेंगलुरु कर रहा है। NMHS-2 में 13 से 17 साल के किशोरों और 18 साल से अधिक उम्र के सभी वयस्कों को शामिल किया जाएगा। सर्वे में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कवरेज दिया गया है, जबकि पिछला सर्वे 2015-16 में सिर्फ 12 राज्यों तक सीमित था। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, NMHS-2 में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी प्राथमिक समस्याओं का राज्यवार और राष्ट्रीय स्तर पर अनुमान तैयार किया जाएगा। इसमें मानसिक बीमारियों के कारण होने वाली विकलांगता, ...
पूर्वोत्तर भारत को तोड़ने की साजिश: चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के कट्टरपंथियों का हाथ
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पूर्वोत्तर भारत को तोड़ने की साजिश: चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के कट्टरपंथियों का हाथ

नई दिल्ली।भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश से अलग करने की एक खतरनाक साजिश सामने आई है। इसके पीछे पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश के कट्टरपंथी संगठन मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इस साजिश में भारत-विरोधी गतिविधियों को भड़काने और उग्रवादी नेताओं को बांग्लादेश में पनाह देने की कोशिश की जा रही है। उल्फा चीफ को बांग्लादेश में लाने की कोशिशसूत्रों के अनुसार, चीन में छिपे उल्फा के सरगना परेश बरुआ को बांग्लादेश में स्थापित करने की कोशिश में पाकिस्तान जुटा हुआ है। पाकिस्तान को उम्मीद है कि बांग्लादेश में सक्रिय कट्टरपंथी संगठन, जैसे जमात-ए-इस्लामी, आने वाले चुनावों में जीत हासिल करने के बाद भारत-विरोधी गतिविधियों में सहयोग करेंगे। हाल ही में, बांग्लादेश के एक छात्र नेता ने ‘सेवन सिस्टर्स’ को भारत से अलग करने की धमकी भी दी, जिसे लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्ला...
International Migrants Day 2025: भारतीयों के लिए 5 सबसे सुरक्षित देश और उच्च कमाई वाले विकल्प
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International Migrants Day 2025: भारतीयों के लिए 5 सबसे सुरक्षित देश और उच्च कमाई वाले विकल्प

नई दिल्ली।हर साल लाखों भारतीय बेहतर जीवन और उच्च सैलरी की तलाश में विदेश जाते हैं। 18 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस (International Migrants Day) पर यह जानना महत्वपूर्ण है कि कौन से देश भारतीयों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद हैं। भारतीयों के लिए 5 सबसे सुरक्षित देश न्यूजीलैंड – अपराध दर बेहद कम, शांत जीवन और स्थानीय लोग अप्रवासियों का स्वागत करते हैं। भारतीय समुदाय यहां मजबूत है। कनाडा – स्वास्थ्य सेवाएं उत्कृष्ट, PR नीति इमिग्रेंट्स के लिए अनुकूल और नागरिकों के प्रति मित्रवत व्यवहार। जर्मनी – यूरोप का सबसे ऑर्गनाइज्ड और सुरक्षित देश, सख्त कानूनों के कारण अपराध दर कम, 2025 से स्किल्ड वर्कर्स के लिए दरवाजे खुले। यूएई (दुबई और अबू धाबी) – सख्त कानूनों के कारण रात में भी सुरक्षित, बड़े भारतीय समुदाय के कारण अकेलापन महसूस नहीं होता। ऑस्ट्रेलिया – मेलबर्न और सिडनी जैसे श...
International Migrants Day 2025: भारतीयों के लिए 5 सबसे सुरक्षित देश और उच्च कमाई वाले विकल्प
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International Migrants Day 2025: भारतीयों के लिए 5 सबसे सुरक्षित देश और उच्च कमाई वाले विकल्प

नई दिल्ली।हर साल लाखों भारतीय बेहतर जीवन और उच्च सैलरी की तलाश में विदेश जाते हैं। 18 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस (International Migrants Day) पर यह जानना महत्वपूर्ण है कि कौन से देश भारतीयों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद हैं। भारतीयों के लिए 5 सबसे सुरक्षित देश न्यूजीलैंड – अपराध दर बेहद कम, शांत जीवन और स्थानीय लोग अप्रवासियों का स्वागत करते हैं। भारतीय समुदाय यहां मजबूत है। कनाडा – स्वास्थ्य सेवाएं उत्कृष्ट, PR नीति इमिग्रेंट्स के लिए अनुकूल और नागरिकों के प्रति मित्रवत व्यवहार। जर्मनी – यूरोप का सबसे ऑर्गनाइज्ड और सुरक्षित देश, सख्त कानूनों के कारण अपराध दर कम, 2025 से स्किल्ड वर्कर्स के लिए दरवाजे खुले। यूएई (दुबई और अबू धाबी) – सख्त कानूनों के कारण रात में भी सुरक्षित, बड़े भारतीय समुदाय के कारण अकेलापन महसूस नहीं होता। ऑस्ट्रेलिया – मेलबर्न और सिडनी जैसे श...
CJI सूर्यकांत का चेतावनी संदेश: लंबी देरी और महंगी मुकदमेबाजी से जनता का न्याय पर भरोसा खतरे में
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CJI सूर्यकांत का चेतावनी संदेश: लंबी देरी और महंगी मुकदमेबाजी से जनता का न्याय पर भरोसा खतरे में

नई दिल्ली।मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने हाल ही में अदालतों में लंबित मामलों और मुकदमेबाजी की बढ़ती लागत को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि न्याय का असली पैमाना कानूनी सिद्धांत नहीं, बल्कि आम नागरिकों का अनुभव है। ओडिशा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था केवल कागजी नहीं, बल्कि सुलभ, समयबद्ध और मानवीय होनी चाहिए। बूढ़े किसान की कहानी से मिली सीखCJI सूर्यकांत ने अपने शुरुआती वकीली दिनों की एक घटना साझा की, जिसमें उन्होंने अदालत के बाहर एक बुज़ुर्ग किसान को दोपहर तक इंतजार करते देखा। जब उन्होंने किसान से पूछा कि आप अब तक क्यों इंतजार कर रहे हैं, तो किसान ने कहा, “मैं जल्दी घर चला गया तो सामने वाला समझेगा कि मैंने हार मान ली है।”मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह देरी केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि नागरिक की गरिमा का ह्रास है। लंबी अदालत प्रक्रिया ...