Wednesday, June 24

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शक्सगाम घाटी पर भारत-चीन विवाद: पाकिस्तान का रोल भी बना सवाल
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शक्सगाम घाटी पर भारत-चीन विवाद: पाकिस्तान का रोल भी बना सवाल

  लद्दाख की शक्सगाम घाटी को लेकर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। भारत स्पष्ट कर चुका है कि यह क्षेत्र उसका अभिन्न हिस्सा है, जबकि फिलहाल यह अवैध रूप से चीन के कब्जे में है। हाल ही में चीन ने घाटी पर अपना आधिकारिक दावा दोहराया और वहां निर्माण कार्यों को लेकर भारत की आपत्तियों की अनदेखी की। चीन ने शक्सगाम घाटी में बुनियादी ढांचे के निर्माण का बचाव करते हुए कहा कि यह क्षेत्र 'चीन का है' और यहां किसी भी निर्माण में कोई समस्या नहीं है। चीन अपने दावे के समर्थन में 1960 के दशक में पाकिस्तान के साथ हुए सीमा समझौते का हवाला दे रहा है। जबकि भारत ने इस समझौते को कभी स्वीकार नहीं किया और बार-बार यह कहा कि पाकिस्तान कश्मीर का कोई भी हिस्सा दूसरों को हस्तांतरित नहीं कर सकता। शक्सगाम घाटी की रणनीतिक स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह काराकोरम दर्रे और सियाचिन ग्लेशियर के बेहद पास स्थित है। ...
बेहद खास है गणतंत्र दिवस पर ‘एट होम रिसेप्शन’ का निमंत्रण पत्र, अष्टलक्ष्मी राज्यों से है कनेक्शन
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बेहद खास है गणतंत्र दिवस पर ‘एट होम रिसेप्शन’ का निमंत्रण पत्र, अष्टलक्ष्मी राज्यों से है कनेक्शन

गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर राष्ट्रपति भवन में 'एट होम रिसेप्शन' की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार राष्ट्रपति भवन द्वारा मेहमानों को भेजे जाने वाले निमंत्रण पत्र में पूर्वोत्तर के अष्टलक्ष्मी राज्यों की पारंपरिक शिल्पकला को खूबसूरती से पेश किया गया है। इन विशेष निमंत्रण पत्रों के जरिए न केवल भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया गया है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को भी प्रोत्साहित किया गया है। अष्टलक्ष्मी राज्यों में असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम शामिल हैं। ये राज्य अपनी सदियों पुरानी शिल्पकला और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाने जाते हैं। राष्ट्रपति भवन की इस पहल का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना और आधुनिक युग में भी पारंपरिक कला को संरक्षित रखना है। इसके अलावा, यह प्रयास 'वोकल फॉर ल...
भारत की BRICS प्रेसीडेंसी: लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च, जयशंकर ने बताया खासियत
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भारत की BRICS प्रेसीडेंसी: लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च, जयशंकर ने बताया खासियत

नई दिल्ली: भारत इस वर्ष BRICS प्रेसीडेंसी की मेजबानी कर रहा है। बीते वर्ष ब्राजील ने 2026 के लिए आधिकारिक रूप से भारत को BRICS की अध्यक्षता सौंप दी थी। इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत की BRICS प्रेसीडेंसी का लोगो और आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च किया। विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि 2026 की BRICS थीम है “क्षमताएं बढ़ाना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और सभी के लिए सतत विकास सुनिश्चित करना”। इस सोच को दर्शाता हुआ लोगो परंपरा और आधुनिकता का मेल है। लोगो की पंखुड़ियों में सभी BRICS सदस्य देशों के रंग शामिल हैं, जो एकता, विविधता और साझा उद्देश्य का प्रतीक हैं। लॉन्च की गई वेबसाइट भारत की अध्यक्षता के दौरान होने वाली बैठकों, पहलों और नतीजों की जानकारी का साझा मंच बनेगी। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और जुड़ाव बढ़ाना है। चार प्राथमिकताएं: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता विदेश मंत्री ने भार...
इंडिया-ईयू एफटीए: गणतंत्र दिवस पर यूरोप के 27 देशों को साधने भारत का मास्टर प्लान
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इंडिया-ईयू एफटीए: गणतंत्र दिवस पर यूरोप के 27 देशों को साधने भारत का मास्टर प्लान

नई दिल्ली: इस गणतंत्र दिवस पर भारत ने वैश्विक राजनीति में एक मास्टरस्ट्रोक खेलने की तैयारी कर ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अनिश्चित और घमंडी हरकतों को ध्यान में रखते हुए भारत ने यूरोपीय संघ (EU) के पूरे 27 देशों के साथ नजदीकी बढ़ाने का प्लान बनाया है। मोदी सरकार ने यूरोपीय संघ के दो दिग्गज नेताओं—उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष, और एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष—को गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। यह कदम अमेरिका के विकल्प के रूप में यूरोप को एक मजबूत व्यापारिक और राजनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। भारत और यूरोप के बीच लंबे समय से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत चल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस यात्रा के दौरान ही संभव है कि FTA पर साइनिंग हो जाए। यदि ऐसा होता है, तो अमेर...
बेबी अरिहा शाह का मामला: पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर मर्ज से उठाया विशेष मुद्दा
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बेबी अरिहा शाह का मामला: पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर मर्ज से उठाया विशेष मुद्दा

नई दिल्ली: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेबी अरिहा शाह का मामला भी उठाया। इस चर्चा के पीछे उद्देश्य बच्ची की परवरिश को भारतीय सांस्कृतिक और पारिवारिक माहौल में बनाए रखने की कोशिश है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पूरी जानकारी साझा की।   बेबी अरिहा शाह कौन हैं? अरिहा शाह एक भारतीय बच्ची हैं, जो वर्तमान में जर्मनी के फॉस्टर केयर में रह रही हैं। अरिहा का जन्म 23 सितंबर 2021 को जर्मनी में हुआ। बच्ची सात महीने की थी जब उसे चोट लगी, जिसके बाद जर्मन चाइल्ड प्रोटेक्शन एजेंसी ‘यूगेंडम्ट’ ने उसे माता-पिता से अलग कर अपनी कस्टडी में ले लिया। अरिहा के माता-पिता धरा शाह और भावेश शाह गुजरात के निवासी हैं। 2018 में बेहतर नौकरी के लिए वे जर्मनी चले गए थे। चोट लगने के बाद अस्पताल ने यौन शोषण की आशंका जताई, जिसके बाद जर्मन एजेंसी ने बच्ची को फॉस्टर ...
‘हमदर्दी कानून से ऊपर नहीं’ : सुप्रीम कोर्ट ने पलटा सरकारी नौकरी पर हाईकोर्ट का आदेश
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‘हमदर्दी कानून से ऊपर नहीं’ : सुप्रीम कोर्ट ने पलटा सरकारी नौकरी पर हाईकोर्ट का आदेश

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरी में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने वाले युवक को राहत देने से मना कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सहानुभूति कानून किसी भी तरह से नियम और कानून की जगह नहीं ले सकता। युवक को अपनी सरकारी नौकरी गंवानी पड़ेगी, क्योंकि उसने भर्ती के समय अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी।   सुप्रीम कोर्ट का आदेश जस्टिस संजय करोल और एन.के. सिंह की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा, "कानून भले ही कठोर हो, लेकिन कानून तो कानून है।" अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें कहा गया था कि जानकारी छिपाना मामूली बात है और इस आधार पर नियुक्ति रद्द नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकारी नौकरी पाने के लिए आवेदन में पूरी और सही जानकारी देना केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि निष्पक्षता, ईमानदारी और जनता के भरोसे की बुनियाद...
भारत-जर्मनी सहयोग: 19 अहम समझौतों पर मुहर, रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार में नए अवसर
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भारत-जर्मनी सहयोग: 19 अहम समझौतों पर मुहर, रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार में नए अवसर

  नई दिल्ली / गुजरात: अमेरिकी टैरिफ के बाद भारत ने दूसरे देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में दोनों देशों के बीच 19 अहम समझौतों और 8 घोषणाओं पर सहमति बनी।   प्रधानमंत्री और जर्मन चांसलर की मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी विश्वास और साझा दृष्टिकोण का प्रतीक है। दोनों देश अब रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के लिए योजना पर काम करेंगे, जिससे सह-विकास और सह-उत्पादन के नए अवसर खुलेंगे। विशेष बात यह है कि अब भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए जर्मनी के माध्यम से वीजा-फ्री ट्रांजिट की सुविधा उपलब्ध होगी।   मुख्य क्षेत्रों में समझौते और घोषणाएं द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को...
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इंडिगो क्राइसिस: 10 करोड़ की पेनल्टी की संभावना, 66 पेज की रिपोर्ट टेबल पर

नई दिल्ली: पिछले साल दिसंबर के पहले सप्ताह में हजारों इंडिगो फ्लाइटों के कैंसिल और डिले होने के मामले में नागर विमानन मंत्रालय में बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। डीजीसीए (DGCA) की 66 पेज की कान्फिडेंशियल जांच रिपोर्ट अब मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा की टेबल तक पहुंच गई है।   क्या है रिपोर्ट में रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो क्राइसिस का कोई भी मामला ऐसा नहीं है, जिसमें कंपनी ने जानबूझकर फ्लाइट संचालन में गड़बड़ी की हो। क्राइसिस के कई कारण बताए गए हैं: इंडिगो का ड्यूटी रोस्टर गड़बड़ाना। 1 नवंबर से लागू एफडीटीएल (Flight Duty Time Limit) नियमों के तहत 65 कैप्टन की कमी। मौसम और अन्य परिचालन कारण।   कंपनी और अधिकारियों पर एक्शन सूत्रों का कहना है कि इस मामले में इंडिगो पर 10 करोड़ रुपये तक की पेनल्टी लग सकती है। कुछ मामलों में यह एक करोड़ से अधिक की प...
गलवान के बाद बदलते रिश्ते: बीजेपी-आरएसएस नेताओं से मिली चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी
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गलवान के बाद बदलते रिश्ते: बीजेपी-आरएसएस नेताओं से मिली चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी

नई दिल्ली: गलवान घाटी की घटना के बाद भारत-चीन संबंधों में आई खटास को दूर करने के प्रयासों के तहत, चीन की सत्ताधारी चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को भारत आया। सबसे पहले यह प्रतिनिधिमंडल बीजेपी मुख्यालय गया और उसके बाद दिल्ली स्थित आरएसएस मुख्यालय में पहुंचा। इस मुलाकात का समय और स्वरूप दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और राजनीतिक बातचीत की दिशा को दर्शाता है।   बीजेपी नेताओं से CPC प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात बीजेपी मुख्यालय में प्रतिनिधिमंडल का स्वागत पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं ने किया। बैठक में चर्चा का मुख्य विषय बीजेपी और CPC के बीच संवाद और बातचीत को कैसे बढ़ाया जाए रहा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में भारत में चीन के राजदूत शू फेहॉन्ग भी शामिल थे। बीजेपी महासचिव अरुण सिंह ने बैठक के बाद कहा, “हमने CPC के साथ अंतर-पार्टी संवाद और सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विस्ता...
बहस और असहमति स्वस्थ लोकतंत्र का हिस्सा: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने JNU में दी अहम सीख
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बहस और असहमति स्वस्थ लोकतंत्र का हिस्सा: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने JNU में दी अहम सीख

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के नौवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वाद-विवाद, चर्चा, असहमति और यहां तक कि टकराव भी एक स्वस्थ लोकतंत्र के आवश्यक तत्व हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी प्रक्रियाओं का अंततः निष्कर्ष पर पहुंचना और उसके कार्यान्वयन में सहयोग करना जरूरी है।   जेएनयू में उपराष्ट्रपति की प्रमुख बातें राधाकृष्णन ने स्नातक छात्रों से अपने ज्ञान और कौशल को राष्ट्र सेवा में समर्पित करने का आग्रह किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के उपदेशों को याद करते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि चरित्र निर्माण, बौद्धिक क्षमता और व्यक्तियों के सशक्तिकरण पर भी जोर देना चाहिए। उपनिषदों, भगवद् गीता, कौटिल्य के अर्थशास्त्र और तिरुवल्लुवर के तिरुक्कुरल का उदाहरण देते हुए राधाकृष्णन ने क...