Tuesday, April 7

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राजस्थान 2026 भर्ती परीक्षा कैलेंडर जारी: 1 लाख से अधिक पदों पर मिलेगी भर्ती, देखें पूरी सूची
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राजस्थान 2026 भर्ती परीक्षा कैलेंडर जारी: 1 लाख से अधिक पदों पर मिलेगी भर्ती, देखें पूरी सूची

जयपुर: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राजस्थान सरकार ने 2026 में होने वाली 44 भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर के अनुसार 1 लाख से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया होगी। उम्मीदवार अब आसानी से यह देख सकते हैं कि कौन-सी परीक्षा कब आयोजित होगी और उनके पास तैयारी के लिए कितना समय है। प्रमुख परीक्षाओं की जानकारी इस कैलेंडर में शिक्षा विभाग, राजस्थान राज्य एंव अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त) परीक्षा, सफाई कर्मचारी भर्ती, कॉन्स्टेबल भर्ती और अन्य महत्वपूर्ण भर्तियों का विवरण दिया गया है। उदाहरण के लिए: राजस्थान प्राथमिक विद्यालय अध्यापक (लेवल-I) – 5449 पद, जनवरी सहायक कृषि अभियंता भर्ती – 281 पद, अप्रैल कॉन्स्टेबल परीक्षा – 4000 पद, जून-जुलाई लिपिक ग्रेड-II/कनिष्ठ सहायक – 10,644 पद, जुलाई सफाई कर्मचारी भर्ती – 24,793 पद, अक्टूबर...
पिता चलाते हैं ऑटो, सेना में अफसर बनकर लौटी बेटी… रेवाड़ी जिले में हासिल की टॉप रैंक
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पिता चलाते हैं ऑटो, सेना में अफसर बनकर लौटी बेटी… रेवाड़ी जिले में हासिल की टॉप रैंक

रेवाड़ी (हरियाणा): “म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के…” – यह डायलॉग दंगल फिल्म का सिर्फ संवाद नहीं, बल्कि हरियाणा की बेटियों की मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुका है। इसी में से एक हैं जिया, जिन्होंने अपने कठिन परिश्रम और परिवार के सहयोग से UPSC नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) एग्जाम में रेवाड़ी जिले में टॉप रैंक हासिल की और सेना में लेफ्टिनेंट बनकर लौटकर गांव का नाम रोशन किया। ऑटो चलाते हैं पिता, घर संभालती मां जिया बावल क्षेत्र के गांव सुलखा की रहने वाली हैं। उनके पिता मोहन लाल ऑटो रिक्शा चलाते हैं और मां रेखा देवी गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने जिया और उनके दो भाई-बहनों – पारुल और हिमांशु – को अच्छी पढ़ाई दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकारी स्कूल से पढ़ाई, बड़े सपने जिया ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सुलखा से 12वीं तक की पढ़ाई की। उनकी सफलता साबित करती है कि मेहनत ...
‘लोन लेकर पढ़ने आए, तो दिवालिया होने का खतरा’, भारतीय छात्रों को आयरलैंड से चेतावनी
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‘लोन लेकर पढ़ने आए, तो दिवालिया होने का खतरा’, भारतीय छात्रों को आयरलैंड से चेतावनी

नई दिल्ली: आयरलैंड में उच्च शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों की बढ़ती रुचि के बीच एक गंभीर चेतावनी सामने आई है। देश में पढ़ाई और बाद में नौकरी पाने को लेकर छात्रों को सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर अगर वे एजुकेशन लोन लेकर इस देश में पढ़ाई करने आए हैं। एक भारतीय छात्र, जिसने यूनिवर्सिटी ऑफ गैलवे से 2025 में कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स किया, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर अपनी अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां जॉब पाना बेहद मुश्किल है। उनके अनुसार, 130 ग्रेजुएट्स के बैच में केवल 15 छात्रों को ही टेक्निकल सेक्टर में नौकरी मिली, जबकि बाकी सुपरमार्केट, रेस्तरां और अन्य नॉन-टेक्निकल सेक्टर में काम कर रहे हैं। वीजा और जॉब की कठिनाइयाँ छात्र ने बताया कि उसे नौकरी इसलिए मिली क्योंकि उसके पास पहले से 5 साल का वर्क एक्सपीरियंस था। इसके बावजूद उसकी जॉब के लिए वीजा स्पॉन्सरशिप नहीं है। अधिकांश छात्र...
अमेरिका को चाहिए हजारों ‘मिसाइल मैन’, करोड़ों में मिल रहा पैकेज
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अमेरिका को चाहिए हजारों ‘मिसाइल मैन’, करोड़ों में मिल रहा पैकेज

नई दिल्ली: क्या आपने कभी सोचा है कि हवा में उड़ती मिसाइलों को कौन डिजाइन करता है? उन मिसाइलों का निर्माण, तकनीकी फिटिंग और टेस्टिंग करने का काम एयरोस्पेस इंजीनियर करते हैं, जिन्हें आम बोलचाल में 'मिसाइल मैन' भी कहा जाता है। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि एयरोस्पेस इंजीनियर सिर्फ एयरक्राफ्ट बनाने तक ही सीमित होते हैं। लेकिन वास्तव में वे कमर्शियल और लड़ाकू विमान, मिसाइलें, सैटेलाइट्स और अन्य उन्नत तकनीकी उपकरणों के डिजाइन और निर्माण में काम करते हैं। अमेरिका में जॉब के अवसर अमेरिका में डिफेंस इंडस्ट्री बहुत बड़ी है और यहां हर साल लगभग 4500 एयरोस्पेस इंजीनियर्स की जरूरत होती है। इस फील्ड के इंजीनियर्स को 'नेशनल इंटरेस्ट वेवर' लिस्ट के तहत वीजा आसानी से मिल जाता है, क्योंकि उनका काम देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। किस डिग्री से बन सकते हैं 'मिसाइल मैन'? अगर आप अमेरिका में एयरोस...
दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए जापान में इंटर्नशिप और नौकरी का सुनहरा अवसर
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दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए जापान में इंटर्नशिप और नौकरी का सुनहरा अवसर

नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए जापान में इंटर्नशिप करने का शानदार अवसर सामने आया है। सिर्फ इंटर्नशिप ही नहीं, बल्कि चयनित छात्रों के लिए जापान में फुल-टाइम नौकरी का विकल्प भी उपलब्ध है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के डीन स्टूडेंट वेलफेयर ऑफिस के अंतर्गत सेंट्रल प्लेसमेंट सेल ने इंडिया-जापान टैलेंट ब्रिज (IJTB) के साथ मिलकर यह अवसर तैयार किया है। IJTB को जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (METI) का समर्थन प्राप्त है। इस पहल के तहत जापानी कंपनियों में छात्रों को इंटर्नशिप के साथ-साथ संभावित जॉब ऑफर भी मिलेगा। इंटर्नशिप की अवधि दो महीने की होगी और इसकी शुरुआत मई 2026 से होगी, जो जुलाई 2026 तक चलेगी। चयनित छात्रों को जापान जाकर काम करना होगा, हालांकि कुछ इंटर्नशिप ऑनलाइन भी उपलब्ध हो सकती हैं। इंटर्नशिप के लिए संभावित पद सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर्स एआई और...
बिलकुल! मैं इस खबर को अख़बार में प्रकाशित होने योग्य, प्रवासली और आकर्षक हिंदी में तैयार कर देता हूँ:  —  ### भारत के डॉक्टर-नर्स और ग्रीन एनर्जी वर्कर्स को जर्मनी में नई जॉब के अवसर  **नई दिल्ली:** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हाल ही में हुई बैठक से भारतीयों के लिए अच्छी खबर आई है। जर्मनी की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब दोनों देश अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 साल और रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे कर रहे हैं।  बैठक में शिक्षा, जॉब, डिफेंस और सिक्योरिटी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। खास तौर पर, भारतीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के वर्कर्स के लिए जॉब के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।  **डॉक्टर्स-नर्सों के लिए आसान जॉब:** भारत और जर्मनी ने ग्लोबल स्किल पार्टनरशिप के तहत ‘ज्वाइंट डेक्लेरेशन ऑफ इंटेंट (JDI)’ पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत एक रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिससे भारतीय डॉक्टर और नर्स जर्मनी में नौकरी के लिए जा सकेंगे। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रक्रिया पूरी तरह नैतिक और श्रम कानूनों के अनुरूप हो, ताकि भारतीय हेल्थकेयर वर्कर्स का शोषण न हो।  **ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अवसर:** इसके अलावा, दोनों देशों ने रिन्यूअबल एनर्जी सेक्टर में ‘सेंटर ऑफ एक्सलेंस’ स्थापित करने पर सहमति जताई। यह प्रशिक्षण केंद्र भारतीय वर्कर्स को सोलर, विंड और ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग देगा। जर्मनी अपने ड्यूअल एजुकेशन मॉडल के जरिए भारतीय वर्कर्स को तैयार करेगा, ताकि उन्हें ग्रीन एनर्जी सेक्टर में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।  इस समझौते से न केवल भारतीय वर्कर्स को रोजगार मिलेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच तकनीकी और शैक्षिक सहयोग भी मजबूत होगा।  —  अगर आप चाहो तो मैं इसे **अख़बार के लिए और भी छोटा, हेडलाइन-पॉइंट स्टाइल में** बना दूँ, ताकि पेज पर और आकर्षक लगे।  क्या मैं ऐसा कर दूँ?
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बिलकुल! मैं इस खबर को अख़बार में प्रकाशित होने योग्य, प्रवासली और आकर्षक हिंदी में तैयार कर देता हूँ: — ### भारत के डॉक्टर-नर्स और ग्रीन एनर्जी वर्कर्स को जर्मनी में नई जॉब के अवसर **नई दिल्ली:** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हाल ही में हुई बैठक से भारतीयों के लिए अच्छी खबर आई है। जर्मनी की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब दोनों देश अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 साल और रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे कर रहे हैं। बैठक में शिक्षा, जॉब, डिफेंस और सिक्योरिटी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। खास तौर पर, भारतीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के वर्कर्स के लिए जॉब के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया। **डॉक्टर्स-नर्सों के लिए आसान जॉब:** भारत और जर्मनी ने ग्लोबल स्किल पार्टनरशिप के तहत ‘ज्वाइंट डेक्लेरेशन ऑफ इंटेंट (JDI)’ पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत एक रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिससे भारतीय डॉक्टर और नर्स जर्मनी में नौकरी के लिए जा सकेंगे। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रक्रिया पूरी तरह नैतिक और श्रम कानूनों के अनुरूप हो, ताकि भारतीय हेल्थकेयर वर्कर्स का शोषण न हो। **ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अवसर:** इसके अलावा, दोनों देशों ने रिन्यूअबल एनर्जी सेक्टर में ‘सेंटर ऑफ एक्सलेंस’ स्थापित करने पर सहमति जताई। यह प्रशिक्षण केंद्र भारतीय वर्कर्स को सोलर, विंड और ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग देगा। जर्मनी अपने ड्यूअल एजुकेशन मॉडल के जरिए भारतीय वर्कर्स को तैयार करेगा, ताकि उन्हें ग्रीन एनर्जी सेक्टर में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। इस समझौते से न केवल भारतीय वर्कर्स को रोजगार मिलेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच तकनीकी और शैक्षिक सहयोग भी मजबूत होगा। — अगर आप चाहो तो मैं इसे **अख़बार के लिए और भी छोटा, हेडलाइन-पॉइंट स्टाइल में** बना दूँ, ताकि पेज पर और आकर्षक लगे। क्या मैं ऐसा कर दूँ?

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हाल ही में हुई बैठक से भारतीयों के लिए अच्छी खबर आई है। जर्मनी की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब दोनों देश अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 साल और रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे कर रहे हैं। बैठक में शिक्षा, जॉब, डिफेंस और सिक्योरिटी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। खास तौर पर, भारतीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के वर्कर्स के लिए जॉब के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया। डॉक्टर्स-नर्सों के लिए आसान जॉब: भारत और जर्मनी ने ग्लोबल स्किल पार्टनरशिप के तहत ‘ज्वाइंट डेक्लेरेशन ऑफ इंटेंट (JDI)’ पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत एक रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिससे भारतीय डॉक्टर और नर्स जर्मनी में नौकरी के लिए जा सकेंगे। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रक्रिया पूरी तरह नैतिक और श्रम कानूनों के अनुरूप हो, ताकि...
15 साल में बन गए ‘डॉक्टर’, खेल-कूद की उम्र में सुपर-ह्यूमन बनाने का सपना देखता है यह बच्चा
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15 साल में बन गए ‘डॉक्टर’, खेल-कूद की उम्र में सुपर-ह्यूमन बनाने का सपना देखता है यह बच्चा

एंटवर्प (बेल्जियम): महज 15 साल की उम्र में क्वांटम फिजिक्स में पीएचडी पूरी करना किसी सपने से कम नहीं है। बेल्जियम के लॉरेंट सिमंस ने एंटवर्प यूनिवर्सिटी से यह उपलब्धि हासिल कर दुनिया को चौंका दिया है। वे डॉक्टरेट की डिग्री पाने वाले सबसे कम उम्र के लोगों में से एक बन गए हैं। लॉरेंट ने महज 8 साल की उम्र में स्कूल की पढ़ाई पूरी की, 12 साल की उम्र में फिजिक्स में स्नातक डिग्री हासिल की और 15 साल में क्वांटम फिजिक्स में पीएचडी प्राप्त कर डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की। उनकी थीसिस का शीर्षक था ‘Bose Polarons in Superfluids and Supersolids’, जिसमें बोस-आंस्टीन कंडेनसेट में अशुद्ध कणों के व्यवहार का अध्ययन किया गया। इस शोध में उन्होंने मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर क्वांटम ऑप्टिक्स में इंटर्नशिप भी की। लॉरेंट सिमंस अब दूसरी बार पीएचडी कर रहे हैं, इस बार मेडिकल साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प...
SSC GD Result 2025: किसी भी समय जारी हो सकता है फाइनल रिजल्ट, जानिए कितने दिन में मिलेगी पोस्टिंग
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SSC GD Result 2025: किसी भी समय जारी हो सकता है फाइनल रिजल्ट, जानिए कितने दिन में मिलेगी पोस्टिंग

    कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित जीडी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट अब जल्द ही जारी होने वाला है। आयोग इसे किसी भी समय अपनी आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर अपलोड कर सकता है। इस भर्ती अभियान के तहत BSF, CISF, CRPF, ITBP, SSB, AR, SSF और NCB में कुल 53,690 पदों को भरा जाएगा।   एसएससी जीडी कॉन्स्टेबल का अंतिम चयन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT), फिजिकल टेस्ट (PST/PET), मेडिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा। रिजल्ट जारी होने के बाद अभ्यर्थी पीडीएफ मेरिट लिस्ट में अपने रोल नंबर के जरिए चयन की स्थिति देख सकेंगे।   कैसे हुई परीक्षा प्रक्रिया   एसएससी जीडी कॉन्स्टेबल की कंप्यूटर आधारित परीक्षा फरवरी 2025 में आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 25 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया। इनमें से 1.26 लाख अभ्यर्थी फिजिकल टेस्ट के लिए चयनित हुए ...
REET Mains Admit Card 2026 जारी: राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रवेश पत्र आज होंगे उपलब्ध, यहां से करें डाउनलोड
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REET Mains Admit Card 2026 जारी: राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रवेश पत्र आज होंगे उपलब्ध, यहां से करें डाउनलोड

राजस्थान में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार आज खत्म होने जा रहा है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) द्वारा रीट मेंस (REET Mains) शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 के लिए प्राइमरी (लेवल-1) और अपर प्राइमरी (लेवल-2) के एडमिट कार्ड आज जारी किए जा रहे हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।   अभ्यर्थी अपना ई-एडमिट कार्ड बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट recruitment.rajasthan.gov.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए आवेदन संख्या और पासवर्ड अथवा एसएसओ आईडी की आवश्यकता होगी।   परीक्षा कार्यक्रम   राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा जारी नोटिस के अनुसार—   प्राइमरी लेवल (सामान्य विषय) की परीक्षा: 17 जनवरी 2026 अपर प्राइमरी लेवल की परीक्षाएं: 18, 19 और 20 जनवरी 2026 प्राइमरी लेवल (संस्कृत विषय) की परीक्षा...
एसएससी लाएगा नई भर्ती स्कीम: उम्मीदवारों को मिलेगा ‘सीट फिक्स–फ्लोट’ का विकल्प, पसंद से बनेगी फाइनल मेरिट लिस्ट
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एसएससी लाएगा नई भर्ती स्कीम: उम्मीदवारों को मिलेगा ‘सीट फिक्स–फ्लोट’ का विकल्प, पसंद से बनेगी फाइनल मेरिट लिस्ट

नई दिल्ली, 12 जनवरी 2026 (भूपेंद्र शर्मा) – कर्मचारी चयन आयोग (SSC) अपनी भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब चयनित उम्मीदवारों को ‘सीट फिक्स’ (Freeze) और ‘सीट फ्लोट’ (Float) करने का विकल्प मिलेगा। इस नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवार अपनी पसंद के अनुसार पद और स्थान स्वीकार या प्रतीक्षा कर सकेंगे, और उसी आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।   नवभारत टाइम्स से विशेष बातचीत में एसएससी चेयरमैन एस. गोपालाकृष्णन ने बताया कि इस नई स्कीम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जितने पदों के लिए भर्ती निकाली जाए, उनमें से अधिकतम पद वास्तव में भरे जा सकें। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभव से यह सामने आया है कि चयन के बावजूद 20 से 30 प्रतिशत उम्मीदवार जॉइन नहीं करते, जिससे पद खाली रह जाते हैं।   कैसे काम करेगी ‘सीट फिक्स–फ्लोट’ योजना   एसएससी चेयरमैन के अनुसार, परी...