Thursday, May 14

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15 साल में बन गए ‘डॉक्टर’, खेल-कूद की उम्र में सुपर-ह्यूमन बनाने का सपना देखता है यह बच्चा

एंटवर्प (बेल्जियम): महज 15 साल की उम्र में क्वांटम फिजिक्स में पीएचडी पूरी करना किसी सपने से कम नहीं है। बेल्जियम के लॉरेंट सिमंस ने एंटवर्प यूनिवर्सिटी से यह उपलब्धि हासिल कर दुनिया को चौंका दिया है। वे डॉक्टरेट की डिग्री पाने वाले सबसे कम उम्र के लोगों में से एक बन गए हैं।

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लॉरेंट ने महज 8 साल की उम्र में स्कूल की पढ़ाई पूरी की, 12 साल की उम्र में फिजिक्स में स्नातक डिग्री हासिल की और 15 साल में क्वांटम फिजिक्स में पीएचडी प्राप्त कर डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की।

उनकी थीसिस का शीर्षक था ‘Bose Polarons in Superfluids and Supersolids’, जिसमें बोस-आंस्टीन कंडेनसेट में अशुद्ध कणों के व्यवहार का अध्ययन किया गया। इस शोध में उन्होंने मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर क्वांटम ऑप्टिक्स में इंटर्नशिप भी की।

लॉरेंट सिमंस अब दूसरी बार पीएचडी कर रहे हैं, इस बार मेडिकल साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर ध्यान केंद्रित कर। उनका लक्ष्य क्वांटम सिस्टम को बायोलॉजिकल और कंप्यूटेशनल हेल्थ साइंस के साथ जोड़कर नई खोज करना है।

एक टीवी इंटरव्यू में लॉरेंट ने कहा, मैं अपने अगले गोल पर काम शुरू करूंगा, जो है सुपर ह्यूमन तैयार करना।” इससे पहले उन्होंने 11 साल की उम्र में बुढ़ापे को मात देने के अपने लक्ष्य का जिक्र किया था।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनके सुपर ह्यूमन प्रोजेक्ट में किस हद तक वास्तविक शोध हुआ है, लेकिन उनकी उम्र और एकेडमिक पृष्ठभूमि इसे असाधारण बनाती है। क्वांटम फिजिक्स और एप्लाइड बायोमेडिकल साइंस के बीच डॉक्टरेट स्तर पर संक्रमण बेहद कम देखने को मिलता है।

फिलहाल यह स्पष्ट है कि लॉरेंट का फिजिक्स में डॉक्टरेट और उनके रिसर्च पेपर की पब्लिक पुष्टि हो चुकी है, और उनके आगे के प्रोजेक्ट की दिशा दुनिया की नजरों में है।

 

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