Tuesday, March 17

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बिहार: तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में फॉर्म-18 से छेड़छाड़ का आरोप, चुनाव आयोग ने शुरू की जांच
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बिहार: तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में फॉर्म-18 से छेड़छाड़ का आरोप, चुनाव आयोग ने शुरू की जांच

मुजफ्फरपुर: बिहार के तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मामले में चुनाव आयोग ने गंभीर कदम उठाया है। जिले के अधिवक्ता शरद सिन्हा द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर आयोग ने फॉर्म-18 में कथित छेड़छाड़ की जांच के आदेश दिए हैं। शरद सिन्हा का आरोप है कि निर्वाचन आयोग द्वारा मुहैया कराए गए फॉर्म-18 के मूल प्रारूप में अनधिकृत बदलाव किए गए। उनका कहना है कि ऐसा करने से पूरी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हुई है। इस फॉर्म का उपयोग निर्वाचक सूची में नाम दर्ज कराने और आपत्ति दर्ज करने के लिए किया जा रहा था। चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। शिकायत दर्ज होने के समय नामांकन और आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी। चु...
बिहार में 5 साल में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी! क्या नीतीश का ‘7 निश्चय पार्ट-3’ सपना पूरा कर पाएगा?
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बिहार में 5 साल में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी! क्या नीतीश का ‘7 निश्चय पार्ट-3’ सपना पूरा कर पाएगा?

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘7 निश्चय पार्ट-3’ का ऐलान कर दिया है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य बिहार को देश के विकसित राज्यों की कतार में खड़ा करना है। इसमें सबसे बड़ा लक्ष्य है 5 साल में राज्य की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करना। 94 लाख गरीब परिवारों की आर्थिक उन्नति:2023 की जातीय गणना के अनुसार बिहार में लगभग 94 लाख गरीब परिवार हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि अगर इन परिवारों को रोजगार के नए अवसर दिए जाएँ, तो समावेशी आर्थिक विकास संभव होगा। इसका मतलब है कि समाज के हर तबके और निचले पायदान पर खड़े लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। यह रोजगार योजना मौजूदा कार्यक्रमों के अतिरिक्त होगी। इससे महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को भी फायदा मिलेगा। बिहार में प्रति व्यक्ति आय कितनी है?वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने जुलाई 2025 में लोकसभा में रिपोर्ट पेश ...
बिहार में एनडीए जीत के बाद चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा में सियासी खींचतान, नेताओं का पलायन जारी
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बिहार में एनडीए जीत के बाद चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा में सियासी खींचतान, नेताओं का पलायन जारी

पटना: बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद राजनीतिक हलकों में अंदरूनी खींचतान देखने को मिल रही है। चिराग पासवान की पार्टी लोजपा के कई वरिष्ठ नेता अब उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) में शामिल हो रहे हैं। हाल में लोजपा आर के कई चर्चित नेताओं ने चिराग पासवान की पार्टी छोड़कर उपेंद्र कुशवाहा का दामन थामा है, जिससे चिराग पासवान की पार्टी के भीतर खलबली मची हुई है। एनडीए के भीतर सियासी खेल:एनडीए की जीत के बावजूद चिराग पासवान की पार्टी के कई नेताओं का उपेंद्र कुशवाहा के पाले में जाना सियासी विशेषज्ञों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। लोजपा आर के वरिष्ठ नेताओं में एके वाजपेयी का नाम शामिल है, जो पहले पार्टी प्रवक्ता और वरिष्ठ उपाध्यक्ष रह चुके हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने इन नेताओं को अपनी पार्टी में प्राथमिक सदस्यता दिलाई है और इसे एनडीए के हित में बताया। चिराग पासवान की पार्टी पर...
पटना: भवन निर्माण विभाग के निदेशक गजाधर मंडल पर SVU का बड़ा छापा, 16 प्लॉट, करोड़ों की संपत्ति जब्त
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पटना: भवन निर्माण विभाग के निदेशक गजाधर मंडल पर SVU का बड़ा छापा, 16 प्लॉट, करोड़ों की संपत्ति जब्त

पटना: बिहार की स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने 16 दिसंबर को पटना और भागलपुर में भवन निर्माण विभाग के निदेशक (गुणवत्ता अनुश्रवण – उत्तर) गजाधर मंडल के ठिकानों पर बड़ी रेड की। जांच में उनके पास नाजायज तरीके से जुटाई गई भारी संपत्ति का खुलासा हुआ। SVU के अनुसार, गजाधर मंडल और उनकी पत्नी के नाम पर 3.42 करोड़ रुपये के 16 जमीन के दस्तावेज बरामद किए गए। इसके अलावा, उनके पास 30.80 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट और शेयर, 8 लाख रुपये के सोना-चांदी की जूलरी और 1.88 लाख रुपये कैश भी जब्त किया गया। काली कमाई के कुबेर: प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि 16 प्लॉट में से 6 उनके नाम और 10 पत्नी के नाम पर हैं। इनमें से 12 प्लॉट व्यावसायिक (कॉमर्शियल) हैं, जो भागलपुर के जगदीशपुर, सबौर और गौराडीह में स्थित हैं। इसके अलावा, गजाधर मंडल ने LIC और हेल्थ इंश्योरेंस में भी निवेश किया था, जिसकी भी जांच चल रही है। ...
बिहार BJP में नया नेतृत्व: संजय सरावगी बने प्रदेश अध्यक्ष, संगठन क्षमता ही बनी सबसे बड़ी वजह
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बिहार BJP में नया नेतृत्व: संजय सरावगी बने प्रदेश अध्यक्ष, संगठन क्षमता ही बनी सबसे बड़ी वजह

पटना। हाल ही में बिहार बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव के तहत संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया है। जानकारों का कहना है कि संजय सरावगी के चयन के पीछे जातीय समीकरण नहीं बल्कि उनकी संगठनात्मक दक्षता प्रमुख कारण रही। संगठन में मजबूत पकड़ का अंदाज़ दरभंगा से लगातार छह बार विधायक रह चुके संजय सरावगी ने यह साबित किया कि वह बदलते चुनावी समीकरणों में भी जीत हासिल कर सकते हैं। संगठन की जड़ में उतरकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझना और उनका कुशल प्रबंधन करना उनकी खासियत रही है। बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि राज्य में भाषण देने वाले नेता नहीं बल्कि संगठन को मज़बूत करने वाला व्यक्ति चाहिए था और इस दृष्टि से संजय सरावगी सही विकल्प साबित हुए। जाति से ऊपर संगठनात्मक क्षमता सवाल उठता है कि वैश्य जाति के नेता ...
गरीबी की गलियों से IPL तक का सफर सुपौल का ‘लखटकिया बेटा’ मोहम्मद इजहार अब मुंबई इंडियन्स का सितारा
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गरीबी की गलियों से IPL तक का सफर सुपौल का ‘लखटकिया बेटा’ मोहम्मद इजहार अब मुंबई इंडियन्स का सितारा

सुपौल। सपनों की कोई जाति, कोई सीमा और कोई गरीबी नहीं होती—बस ज़रूरत होती है जिद, मेहनत और हौसले की। बिहार के सुपौल जिले के छोटे से गांव ठुठी से निकले मोहम्मद इजहार ने यही साबित कर दिखाया है। कभी दो वक्त की रोटी और भविष्य की चिंता से जूझने वाला यह युवा आज आईपीएल में मुंबई इंडियन्स की जर्सी पहनने जा रहा है। IPL ऑक्शन में उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा गया है। संघर्षों में पली क्रिकेट की जिद सुपौल के छातापुर प्रखंड स्थित ठुठी गांव निवासी इजहार बेहद साधारण और गरीब परिवार से आते हैं। बचपन से ही उनका जीवन अभावों और संघर्षों में बीता। क्रिकेट खेलने की चाहत को लेकर उन्हें न सिर्फ समाज के ताने सुनने पड़े, बल्कि कई बार घर में मार भी खानी पड़ी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। घर छोड़ मैदान को चुना इजहार ने एक दिन घरवालों से साफ कह दिया था— “देखना, एक दिन मैं इंटरनेशनल क्रिकेट खेलूंगा।”...
हिजाब विवाद पर इल्तिजा मुफ्ती का नीतीश कुमार पर तीखा हमला, माफी की मांग से बढ़ा सियासी घमासान
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हिजाब विवाद पर इल्तिजा मुफ्ती का नीतीश कुमार पर तीखा हमला, माफी की मांग से बढ़ा सियासी घमासान

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने की कोशिश का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है और सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है। इल्तिजा मुफ्ती का आरोप इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर जारी 57 सेकंड के वीडियो संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक मुस्लिम महिला डॉक्टर को नियुक्ति पत्र सौंपते समय सार्वजनिक मंच पर उनका हिजाब हटाने की कोशिश कर शालीनता और मर्यादा का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि एक मुस्लिम महिला के लिए हिजाब केवल कपड़ा नहीं, बल्कि उसकी पहचान और आस्था का हिस्सा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा—“क्या सत्ता में होने का यह मतलब है कि आप किसी महिला की धार्मिक...
पारस अस्पताल शूटआउट के सारे राज खोलेगा शेरू सिंह, 17 जुलाई को पटना में कैसे रची गई थी खौफनाक साजिश
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पारस अस्पताल शूटआउट के सारे राज खोलेगा शेरू सिंह, 17 जुलाई को पटना में कैसे रची गई थी खौफनाक साजिश

पटना। राजधानी पटना के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले निजी अस्पताल में दिनदहाड़े हुई गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या ने पूरे बिहार को दहला दिया था। अब इस सनसनीखेज हत्याकांड का मास्टरमाइंड ओंकार सिंह उर्फ शेरू सिंह पुलिस रिमांड पर पटना लाया जा चुका है। पुलिस को उम्मीद है कि शेरू सिंह से पूछताछ में पारस अस्पताल शूटआउट से जुड़े कई चौंकाने वाले राज सामने आएंगे। 17 जुलाई 2025: जब अस्पताल बना रणक्षेत्र 17 जुलाई 2025 की सुबह पटना के पारस अस्पताल में सब कुछ सामान्य लग रहा था। सजायाफ्ता गैंगस्टर चंदन मिश्रा पुलिस कस्टडी में इलाजरत था। तभी सफेद प्रिंटेड शर्ट पहने एक युवक अपने चार साथियों के साथ अस्पताल परिसर में दाखिल हुआ। सभी के सिर पर कैप थी, जिससे पहचान छिपाई जा सके। बिना किसी हिचक के ये लोग सीधे उस मंजिल पर पहुंचे, जहां चंदन मिश्रा भर्ती था। साफ था कि उन्हें पहले से पूरी जानकारी थी कि चंदन क...
बिहार में ‘ऑपरेशन भूमि दखल देहानी’ शुरू, पर्चाधारियों को मिलेगा आवंटित भूमि पर अधिकार
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बिहार में ‘ऑपरेशन भूमि दखल देहानी’ शुरू, पर्चाधारियों को मिलेगा आवंटित भूमि पर अधिकार

पटना। बिहार सरकार ने पर्चाधारियों की वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘ऑपरेशन भूमि दखल देहानी’ की शुरुआत की है। इस विशेष अभियान के तहत अनुसूचित जाति (एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) परिवारों को आवंटित और बंदोबस्त की गई भूमि पर दखल-कब्जा सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कमजोर वर्गों की भूमि पर अवैध कब्जा अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में एससी-एसटी परिवारों को दी गई सरकारी, अधिशेष, भूदान अथवा क्रय की गई भूमि से यदि किसी निजी व्यक्ति द्वारा बेदखल किया जाता है, तो इसे गंभीर और दंडनीय अपराध माना जाएगा। अभियान के तहत पर्चाधारियों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की जाएगी। शत-प्रतिशत दखल देहानी का लक्ष्य सरकार ने इस अभियान के तहत शत-प्रतिशत दखल दे...
जेपी आंदोलन से सत्ता के केंद्र तक विनोद नारायण झा बने बिहार विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक संगठन, संघर्ष और विवाद—एक प्रभावशाली राजनीतिक सफर
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जेपी आंदोलन से सत्ता के केंद्र तक विनोद नारायण झा बने बिहार विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक संगठन, संघर्ष और विवाद—एक प्रभावशाली राजनीतिक सफर

बिहार भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए मधुबनी जिले की बेनीपट्टी विधानसभा सीट से विधायक और पूर्व मंत्री विनोद नारायण झा को बिहार विधानसभा में सत्ताधारी दल का मुख्य सचेतक (Chief Whip) नियुक्त किया है। इस संबंध में भाजपा की ओर से नियुक्ति सूची विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को भेज दी गई है। वहीं, राजेंद्र गुप्ता को विधान परिषद में भाजपा का उपनेता बनाया गया है। कौन हैं विनोद नारायण झा? विनोद नारायण झा बिहार भाजपा के वरिष्ठ, अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वे वर्तमान में बेनीपट्टी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे पहले वे बिहार सरकार में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।पार्टी संगठन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है। वे भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता के रूप में भी अपनी सेवाएं दे च...