Tuesday, July 21

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मेले में भटककर बांग्लादेश पहुंची राधिका, 20 साल बाद लौटेंगी घर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के गंगासागर मेले में लगभग दो दशक पहले लापता हुई मध्य प्रदेश की राधिका की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। करीब 20 साल तक अपने परिवार से बिछड़ी राधिका का पता हाल ही में बांग्लादेश में चला है। अब वह जल्द ही अपने परिवार के पास लौट सकती हैं।

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लापता महिला की खोज का श्रेय शौकिया रेडियो ऑपरेटरों को
वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब (WBRC) के सचिव अंबरीश नाग विस्वास के अनुसार, क्लब के शौकिया रेडियो ऑपरेटर वर्षों से लापता लोगों को उनके परिवारों से जोड़ने का काम करते रहे हैं। उनके बांग्लादेश स्थित संपर्कों ने उन्हें एक बुजुर्ग महिला की सूचना दी। महिला का नाम राधिका था और उम्र लगभग 70 साल। वह बांग्लादेश की सड़कों पर भीख मांगती मिली। जब उससे उसके पति का नाम पूछा गया तो उसने केवल “सागर” शब्द कहा। यही शब्द खोज की कुंजी साबित हुआ।

‘सागर’ शब्द ने खोला पहेली का रास्ता
WBRC टीम ने पहले पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप में खोज शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। फिर देशभर में ऐसे स्थानों की छानबीन हुई जिनका नाम ‘सागर’ था। इसी दौरान पता चला कि मध्य प्रदेश के सागर जिले के खजरा गांव की एक महिला लगभग 20 वर्ष पहले गंगासागर मेले में लापता हुई थी। इसके बाद WBRC ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।

बांग्लादेश तक कैसे पहुंची राधिका?
जांच में सामने आया कि राधिका अपने गांव से श्रद्धालुओं के समूह के साथ गंगासागर मेले गई थीं। भीड़ में बिछड़ने के बाद वह अनजाने में बांग्लादेश आए अन्य समूह के साथ शामिल हो गईं। अनुमान है कि उन्होंने अवैध ट्रॉलरों के माध्यम से बांग्लादेश तक का सफर तय किया और वहां सहारा न मिलने पर भीख मांगकर जीवन बिताया।

परिवार से मिलन की राह
राधिका जब लापता हुई थीं, तब उनके पति बलीराम और तीन बेटे पूरण, राजेश और गणेश थे। अब उनके पति और छोटे बेटे पूरण का निधन हो चुका है। बड़े बेटे राजेश और गणेश दिल्ली में रहते हैं। WBRC की मदद से राधिका को साफ-सफाई और नए कपड़े दिए गए। जब उनकी तस्वीरें राजेश को भेजी गईं, तो उन्होंने तुरंत अपनी मां को पहचान लिया। राजेश भावुक होकर बोले, “मेरी मां का लौटना मेरे लिए किसी तीर्थ यात्रा से कम नहीं। मैं उनमें भगवान का स्वरूप देखूंगा।”

वापसी कब?
WBRC ने गंगासागर मेला अधिकारियों, बांग्लादेश हाई कमीशन और भारत के विदेश मंत्रालय को इस मामले की जानकारी दी है। सभी एजेंसियों ने राधिका की सुरक्षित वापसी में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। उम्मीद है कि राधिका जल्द ही अपने परिवार के बीच लौटेंगी।

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