Tuesday, July 14

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लवकुश चौराहे के डबलडेकर ब्रिज से मिलेगी राहत, लेकिन गुणवत्ता और समयबद्धता भी उतनी ही जरूरी

इंदौर के सबसे व्यस्त यातायात केंद्रों में शामिल लवकुश चौराहे पर बन रहे शहर के पहले डबलडेकर ब्रिज की एक लेन अगले 10 दिनों में शुरू होने की तैयारी निश्चित रूप से लाखों वाहन चालकों के लिए राहतभरी खबर है। अरबिंदो अस्पताल से बाणगंगा की ओर जाने वाली लेन चालू होने से न केवल ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, बल्कि उज्जैन रोड, सुपर कॉरिडोर, सांवेर रोड और औद्योगिक क्षेत्रों की ओर आने-जाने वाले लोगों का समय भी बचेगा।

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आईडीए द्वारा लोड टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा करने, तकनीकी जांच कराने और ट्रायल रन की प्रक्रिया अपनाना इस बात का संकेत है कि परियोजना को सुरक्षा मानकों के अनुरूप शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। यह स्वागतयोग्य कदम है, क्योंकि किसी भी सार्वजनिक परियोजना में जल्दबाजी से अधिक महत्वपूर्ण नागरिकों की सुरक्षा होती है।

हालांकि, यह भी ध्यान रखना होगा कि शहर की कई बड़ी परियोजनाएं समय सीमा से पीछे रही हैं। इसलिए जनता की अपेक्षा है कि दूसरी लेन का कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाए और बारिश समाप्त होते ही शेष तकनीकी कार्य पूर्ण कर इसे भी यातायात के लिए खोल दिया जाए। अधूरी परियोजनाएं लंबे समय तक नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनती हैं।

इसके साथ ही, सर्विस लेन में गड्ढों, जलभराव और अव्यवस्थित यातायात जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान भी आवश्यक है। केवल फ्लायओवर शुरू कर देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि नीचे की सड़क व्यवस्था, संकेतक, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज और ट्रैफिक प्रबंधन भी समान रूप से मजबूत होना चाहिए।

यदि यह परियोजना निर्धारित गुणवत्ता और समयसीमा के साथ पूर्ण होती है, तो यह इंदौर के यातायात प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी। शहर के बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए भविष्य में भी ऐसी आधारभूत संरचनाओं का निर्माण समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना चाहिए। नागरिकों को केवल नए पुल नहीं, बल्कि सुरक्षित, सुगम और टिकाऊ यातायात व्यवस्था की आवश्यकता है।

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