Tuesday, July 7

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जैन समाज में बढ़ते तलाक के मामलों पर विशेष पहल, डिजिटल फैमिली काउंसलिंग सेंटर स्थापित करेगी जैन मीडिया सोशल वेलफेयर सोसायटी

नई दिल्ली। जैन समाज में बढ़ते पारिवारिक विवादों और तलाक के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जैन मीडिया सोशल वेलफेयर सोसायटी ने व्यापक सामाजिक पहल करने का निर्णय लिया है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विनायक अशोक लुनिया के नेतृत्व में समाज में पारिवारिक सौहार्द को मजबूत बनाने तथा वैवाहिक विवादों के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसी क्रम में देशभर के जैन परिवारों को परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिजिटल फैमिली काउंसलिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके अगस्त तक शुरू होने की संभावना है।

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हाल ही में आयोजित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठक में देश के 11 राज्यों के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया। बैठक में जैन समाज में बढ़ रहे वैवाहिक और पारिवारिक विवादों के मूल कारणों का अध्ययन कर उनके स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करने पर सहमति बनी। इसके लिए मनोवैज्ञानिकों, विधि विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अनुभवी परिवार परामर्शदाताओं की एक विशेषज्ञ टीम गठित करने का निर्णय लिया गया।

डॉ. विनायक अशोक लुनिया ने कहा कि वर्तमान समय में पारिवारिक संबंधों में बढ़ती दूरियां समाज के लिए चिंता का विषय हैं। उनका मानना है कि पारिवारिक विघटन और तलाक जैसी परिस्थितियों को केवल कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से नहीं, बल्कि संवाद, परामर्श, आपसी समझ और सामाजिक जागरूकता के जरिए काफी हद तक रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से संस्था परिवार परामर्श, कानूनी जागरूकता शिविर और सामाजिक न्याय से जुड़े विभिन्न जनहित कार्यक्रमों का संचालन करेगी।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित डिजिटल फैमिली काउंसलिंग सेंटर के माध्यम से देशभर के जैन परिवार ऑनलाइन विशेषज्ञों से मार्गदर्शन और परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। संस्था का प्रयास रहेगा कि वैवाहिक विवादों को प्रारंभिक स्तर पर ही सुलझाया जाए, ताकि परिवार टूटने की नौबत न आए और समाज में पारिवारिक मूल्यों तथा आपसी विश्वास को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया। उनका कहना था कि बदलती सामाजिक परिस्थितियों में इस प्रकार की पहल परिवारों को टूटने से बचाने, संवाद की संस्कृति को बढ़ावा देने और जैन समाज में पारिवारिक मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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