
₹500 करोड़ के निवेश से इंदौर, भोपाल, ग्वालियर एवं जबलपुर में स्थापित होंगे आधुनिक फूड मैन्युफैक्चरिंग हब; ‘माँ का मसाला फूड्स’ के माध्यम से चाय, मल्टीग्रेन आटा, मसाले, खाद्य तेल, मिनरल वाटर और होटल-रेस्टोरेंट श्रृंखला की होगी शुरुआत

इंदौर। मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी फूड प्रोसेसिंग एवं एग्रो मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में लुनिया विनायक ग्रुप ऑफ कंपनीज़ ने एक महत्वाकांक्षी औद्योगिक परियोजना की घोषणा की है। समूह के डायरेक्टर एवं संस्थापक डॉ. विनायक अशोक जैन लुनिया ने बताया कि कंपनी आगामी एक वर्ष के भीतर इंदौर, भोपाल, ग्वालियर एवं जबलपुर में अत्याधुनिक फूड मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करेगी। इस परियोजना का उद्देश्य केवल औद्योगिक विस्तार नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देना है।

डॉ. लुनिया ने कहा कि समूह का लक्ष्य अगले एक वर्ष में 2,000 महिलाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ना है। महिलाओं को आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन, वितरण और सूक्ष्म उद्यम प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। कंपनी महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों को भी इस परियोजना से जोड़ने की योजना पर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि समूह की प्रमुख कंपनी ‘माँ का मसाला फूड्स प्राइवेट लिमिटेड’ के अंतर्गत निर्मित होने वाले सभी उत्पादों के लिए मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर का उत्पादन केंद्र बनाया जाएगा। कंपनी का उद्देश्य प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है।
प्रीमियम चाय से होगी शुरुआत
कंपनी की पहली प्रमुख परियोजना प्रीमियम क्वालिटी चाय होगी। इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाली चाय पत्तियां सीधे असम से प्राप्त की जाएंगी, जबकि उनकी ब्लेंडिंग, प्रोसेसिंग एवं आधुनिक पैकेजिंग यूनिट इंदौर में स्थापित की जाएगी। इससे मध्यप्रदेश में वैल्यू एडिशन के साथ बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
11 अनाजों से तैयार होगा पौष्टिक मल्टीग्रेन आटा
डॉ. लुनिया ने बताया कि कंपनी देश का एक अनूठा 11 अनाजों से तैयार पौष्टिक मल्टीग्रेन आटा बाजार में उतारेगी, जिसे आधुनिक पोषण विज्ञान एवं भारतीय पारंपरिक अनाजों के गुणों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के मसाले, मसाला मिश्रण, अचार, पापड़, ड्राई स्नैक्स एवं अन्य पारंपरिक भारतीय खाद्य उत्पादों का भी निर्माण किया जाएगा।
महिलाओं के लिए गृह उद्योग मॉडल पर स्थापित होंगी ऑयल मिलें
समूह मध्यप्रदेश में स्मॉल ऑयल मिल नेटवर्क विकसित करेगा, जिसे महिलाओं के गृह उद्योग मॉडल के रूप में संचालित किया जाएगा। इन इकाइयों में कोल्ड-प्रेस्ड (घानी) खाद्य तेल एवं हॉट प्रोसेस्ड रिफाइंड कुकिंग ऑयल दोनों का उत्पादन किया जाएगा। इससे महिलाओं को स्वरोजगार के साथ स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण खाद्य तेल उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी।
मिनरल वाटर, होटल एवं रेस्टोरेंट क्षेत्र में भी करेगी प्रवेश
‘माँ का मसाला फूड्स प्राइवेट लिमिटेड’ भविष्य में अपना पैकेज्ड मिनरल वाटर ब्रांड भी लॉन्च करेगी। इसके साथ ही कंपनी देशभर में होटल एवं रेस्टोरेंट नेटवर्क विकसित करने की दिशा में भी कार्य करेगी, जिसका मुख्य संचालन केंद्र इंदौर रहेगा।
₹500 करोड़ के निवेश की तैयारी
इस बहु-आयामी परियोजना को साकार करने के लिए कंपनी लगभग ₹500 करोड़ का निवेश जुटाने की दिशा में कार्य कर रही है। हाल ही में कंपनी प्रबंधन ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ एक वर्चुअल इन्वेस्टर मीटिंग आयोजित कर अपनी विस्तृत व्यवसायिक योजना प्रस्तुत की। डॉ. लुनिया ने बताया कि निवेशकों ने परियोजना में गहरी रुचि दिखाई है तथा आगामी बैठकों के बाद निवेश प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक खाद्य उत्पादों पर रहेगा विशेष फोकस
डॉ. विनायक अशोक जैन लुनिया ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल खाद्य उत्पादों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ, सुरक्षित, पौष्टिक एवं उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ‘माँ का मसाला’ केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि मातृशक्ति के विश्वास, गुणवत्ता और भारतीय स्वाद का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि मध्यप्रदेश की मातृशक्ति केवल रोजगार तक सीमित न रहे, बल्कि सफल उद्यमी बनकर अपने परिवार और समाज के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। हमारा लक्ष्य महिलाओं को उद्योग, कौशल और आत्मनिर्भरता से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाना है।”
महिला संपर्क अभियान शुरू
परियोजना के प्रथम चरण में टीम लुनिया ने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों एवं सामाजिक संगठनों से संपर्क अभियान प्रारंभ कर दिया है। आने वाले समय में कौशल विकास प्रशिक्षण, उद्यमिता कार्यशालाएं, रोजगार मेले एवं व्यवसायिक मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना निर्धारित समयसीमा में पूरी होती है, तो इससे मध्यप्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई गति मिलेगी, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा हजारों परिवारों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से प्रदेश के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
लुनिया विनायक ग्रुप ऑफ कंपनीज़ का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट न केवल मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त फूड मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखता है, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘महिला सशक्तिकरण’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी राष्ट्रीय पहलों को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।


