Saturday, June 13

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भारत-जर्मनी आर्थिक, औद्योगिक एवं सामरिक सहयोग को नई गति देने मध्य प्रदेश पहुंचे जर्मनी के काउंसिल जनरल क्रिस्टोफ हेलियर

इंदौर। भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक, औद्योगिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से जर्मनी संघीय गणराज्य के काउंसिल जनरल क्रिस्टोफ हेलियर ने मध्य प्रदेश का तीन दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने इंदौर, पीथमपुर और भोपाल में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर शासन, उद्योग, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की।

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इंदौर प्रवास के दौरान श्री हेलियर ने स्टेट प्रेस क्लब, मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में पत्रकारों से रूबरू होते हुए अपनी यात्रा के उद्देश्यों एवं भारत-जर्मनी संबंधों के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अपने दौरे के दौरान उन्होंने राज्य सरकार के प्रतिनिधियों, उद्योग जगत के प्रमुख उद्यमियों, शिक्षाविदों तथा जर्मनी में अध्ययन कर चुके पूर्व छात्रों (अल्युमनाई) नेटवर्क के सदस्यों से मुलाकात की।

श्री हेलियर ने कहा कि उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और जर्मनी के संबंध नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि इसी वर्ष जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने भारत का दौरा किया था, जहां उन्होंने और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार, विज्ञान तथा जन-से-जन संपर्क (पीपल-टू-पीपल एक्सचेंज) को और सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।

उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश यात्रा का प्रमुख उद्देश्य जर्मनी और राज्य के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देना है। इस दौरान निवेश को प्रोत्साहित करने, औद्योगिक साझेदारियों को बढ़ावा देने तथा पारस्परिक हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों की पहचान पर विशेष चर्चा की गई।

श्री हेलियर ने कहा कि भारत और जर्मनी इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। वर्ष 1951 में स्थापित इन संबंधों ने समय के साथ व्यापक स्वरूप ग्रहण किया है। आज जर्मनी यूरोप में भारत के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक एवं आर्थिक साझेदारों में से एक है। दोनों देशों के बीच सहयोग व्यापार, निवेश, ग्रीन टेक्नोलॉजी, विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार, शिक्षा, कौशल विकास, संस्कृति तथा सामाजिक आदान-प्रदान जैसे अनेक क्षेत्रों तक विस्तारित है।

उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों में व्यक्तिगत और संस्थागत संपर्कों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि सरकारों और उद्योगों के साथ-साथ शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी दीर्घकालिक साझेदारी की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

श्री हेलियर ने कहा, “जर्मनी और भारत के बीच शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में विभिन्न नेटवर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये दोनों देशों और समाजों के बीच मजबूत सेतु के रूप में कार्य कर रहे हैं।”

मध्य प्रदेश की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य भारत-जर्मनी सहयोग को और गहरा करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उन्होंने राज्य के तेज आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रगति, निवेश-अनुकूल वातावरण और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना की।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में जर्मनी और मध्य प्रदेश के बीच सहयोग के नए आयाम विकसित होंगे और दोनों पक्ष व्यापार, उद्योग, शिक्षा तथा तकनीकी क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में श्री हेलियर ने इंदौर में मिले आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में मध्य प्रदेश के और अधिक दौरे करने की इच्छा जताई।

कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रवीण खारीवाल, कमल कस्तूरी, हर्षवर्धन प्रकाश एवं समीर खान ने अतिथियों का स्वागत किया। वहीं नवनीत शुक्ल, प्रो. आर.के. जैन, रचना जौहरी एवं ऋतु साहू ने स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन पंकज क्षीरसागर ने किया।

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