
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया ने अप्रत्याशित रूप से विवाह पंजीकरण के आंकड़ों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। वर्ष 2025 में राज्य में 1,83,733 विवाह पंजीकृत हुए—जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है और 2022 के पिछले रिकॉर्ड (1,81,923) को भी पीछे छोड़ चुका है।
SIR और दस्तावेज़ी जरूरतों का असर
हालांकि विवाह प्रमाण पत्र SIR के लिए निर्धारित 14 मान्य दस्तावेजों में शामिल नहीं है, फिर भी महिला मतदाताओं के उपनाम और पते में बदलाव की पुष्टि के लिए सुनवाई के दौरान इसे सहायक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इसी कारण बड़ी संख्या में दंपत्तियों ने विवाह पंजीकरण कराया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए।
मुस्लिम दंपत्तियों की संख्या सबसे अधिक
विवाह महानिदेशक कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, Special Marriage Act, 1954 की धारा 16 के तहत 2025 में 10,969 विवाह पंजीकृत हुए। इनमें से 7,154 विवाह मुस्लिम दंपत्तियों के थे, जिन्होंने इस्लामी रीति-रिवाजों के तहत निकाह संपन्न करने के बाद कानूनी पंजीकरण कराया।
यह आंकड़ा 2022 के 6,989 मुस्लिम विवाह पंजीकरण के पिछले उच्च स्तर से भी अधिक है। कोविड काल के दौरान लंबित मामलों और अब SIR से जुड़ी आवश्यकताओं ने इस प्रवृत्ति को और तेज किया है।
एक लाख के पार ‘स्टैंडर्ड’ रजिस्ट्रेशन
Special Marriage Act, 1954 की धारा 13 के तहत, समारोह के दिन होने वाले मानक विवाह पंजीकरण भी 2025 में पहली बार एक लाख के आंकड़े को पार कर गए। इस श्रेणी में 1,04,242 विवाह पंजीकृत हुए, जो 2022 के 99,715 के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है।
अधिकारियों ने इसका श्रेय अनिवासी भारतीय (NRI) भागीदारों के लिए नियमों में ढील और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल ऑनलाइन विवाह पोर्टल को दिया है।
राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ
SIR के दौरान मतदाता सूची से लाखों नाम हटने और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। ऐसे माहौल में नागरिकों ने अपने वैवाहिक दस्तावेजों को विधिवत पंजीकृत कर भविष्य की किसी भी कानूनी या प्रशासनिक जटिलता से बचने की कोशिश की।
विशेषज्ञों का मानना है कि दस्तावेज़ीकरण के प्रति बढ़ती जागरूकता और डिजिटल प्रक्रियाओं की सरलता ने भी विवाह पंजीकरण में इस रिकॉर्ड वृद्धि को संभव बनाया है।
बंगाल में विवाह पंजीकरण के ये आंकड़े संकेत देते हैं कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं और कानूनी सुरक्षा की आवश्यकता सामाजिक व्यवहार को किस तरह प्रभावित कर सकती हैं।
