Wednesday, February 25

राजस्थान बस हड़ताल: 30 हजार बसों के पहिए थमे, खाटूश्यामजी के श्रद्धालु फंसे

जयपुर: राजस्थान में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स की हड़ताल ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को ठप कर दिया है। सरकार और ऑपरेटर्स के बीच मंगलवार को हुई दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही, जिससे 30 हजार से अधिक बसों के पहिए थम गए हैं। करीब 25 लाख यात्री भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

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नई शर्त से बढ़ा गतिरोध

प्राइवेट बस ऑपरेटर्स ने अब विवाद को अधिकारियों के व्यवहार से जोड़ दिया है। उनका कहना है कि जब तक आरटीओ द्वितीय धर्मेंद्र चौधरी और इंस्पेक्टर राजेश चौधरी को एपीओ (Awaiting Posting Order) नहीं किया जाता, तब तक किसी तीसरे दौर की वार्ता में शामिल नहीं होंगे।

इससे पहले ऑपरेटर्स की मांग थी कि यात्रियों को बीच रास्ते उतारकर बसें सीज न की जाएं, टैक्स स्लैब पड़ोसी राज्यों के अनुरूप कम किए जाएं और भारी चालानों पर रोक लगे। अब यह विवाद प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदलता दिख रहा है।

रोडवेज पर बढ़ा बोझ

प्रदेश में जहां रोजाना करीब 35 हजार बसें संचालित होती थीं, वहां अब मात्र 3300 रोडवेज बसों के भरोसे यात्री सफर कर रहे हैं। सिंधी कैंप, हीरापुरा, चौमूं सर्किल और ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड पर भीड़ बेकाबू है। कई यात्री बसों की छतों पर बैठकर सफर करने को मजबूर हैं।

सुबह से बस स्टैंड पर इंतजार कर रहे लोगों को घंटों बाद भी सीट नहीं मिल पा रही। बसों की कमी के कारण सैकड़ों पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं।

खाटूश्यामजी और शेखावाटी रूट पर सबसे ज्यादा असर

हड़ताल का सबसे अधिक असर खाटूश्यामजी जाने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ा है। अन्य राज्यों से आए भक्त जयपुर में ही फंसे हुए हैं। रोडवेज ने हीरापुरा होकर जाने वाली बसें बंद कर दी हैं, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय कर सिंधी कैंप पहुंचना पड़ रहा है।

सीकर, चूरू, झुंझुनू, बीकानेर और श्रीगंगानगर रूट पर यात्रियों को तीन-तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।

सिंधी कैंप पर तनाव

मंगलवार दोपहर सिंधी कैंप के बाहर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब कुछ लोक परिवहन बसों को जबरन चलाने की कोशिश की गई। आरटीओ अधिकारियों और बस ऑपरेटर्स के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।

आगे क्या?

सरकार और ऑपरेटर्स के बीच गतिरोध जारी है। जब तक किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बनती, तब तक आम जनता को राहत मिलती नजर नहीं आ रही। परिवहन व्यवस्था के ठप होने से प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

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