
नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 में सुपर-8 के पहले दौर में वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को 107 रनों के बड़े अंतर से हराकर अपनी दमदार जीत दर्ज की। इस जीत ने भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल की राह और मुश्किल बना दी है। भारत पहले मैच में साउथ अफ्रीका से 76 रनों से हार चुका है। ग्रुप की टॉप-2 टीम ही सेमीफाइनल में पहुंच पाएगी।
नेट रन रेट ने बढ़ाई मुश्किल
भारतीय टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने के दो मुख्य समीकरण हैं। पहला, अगर भारत अपने बचे हुए दोनों मैच जीतता है और साउथ अफ्रीका भी दोनों मैच जीत जाता है, तो नेट रन रेट का कोई महत्व नहीं रहेगा और भारत सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के साथ आगे बढ़ जाएगा।
लेकिन दूसरा समीकरण जरा जटिल है। यदि भारत दोनों मैच जीतता है, जबकि साउथ अफ्रीका जिम्बाब्वे को हराने के बाद वेस्टइंडीज से हार जाता है, तो भारत, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका तीनों के 4-4 पॉइंट हो जाएंगे। ऐसे में नेट रन रेट तय करेगा कि कौन सी टीम अगले दौर में जाएगी।
वर्तमान नेट रन रेट की स्थिति इस प्रकार है:
-
वेस्टइंडीज: +5.350
-
साउथ अफ्रीका: +3.800
-
भारत: -3.800
इसका मतलब है कि भारत को सिर्फ जीत से काम नहीं चलेगा। उसे जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज पर बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी, तभी तीन टीमों के पॉइंट बराबर रहने पर भारत का सेमीफाइनल का सपना जीवित रह सकेगा।
वेस्टइंडीज को हराना आसान नहीं
भारतीय टीम का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे के खिलाफ है। इसके बाद अंतिम मैच में टीम को वेस्टइंडीज का सामना करना होगा। 1 मार्च को होने वाला यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। वेस्टइंडीज के बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों ही शानदार फॉर्म में हैं। आईपीएल में भारत में खेलने का अनुभव रखने वाले ये खिलाड़ी हर मैच में विस्फोटक प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस स्थिति में भारतीय टीम को रणनीति, दबाव प्रबंधन और बड़े अंतर से जीत पर ध्यान केंद्रित करना होगा, नहीं तो सेमीफाइनल का रास्ता मुश्किल हो जाएगा।
