
भोपाल: शहर में पीडब्ल्यूडी (PWD) द्वारा 3 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई 1.8 किलोमीटर लंबी सड़क अब पर्यावरण और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई है। निर्माण के दौरान पेड़ों की जड़ों के चारों ओर सीधे कंक्रीट डाल दिया गया, जिससे उनका दम घुटने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 2-5 सालों में ये पेड़ कभी भी गिर सकते हैं, जिससे सड़क पर चलने वालों की जान को जोखिम हो सकता है।
सोस को अवधपुरी से जोड़ती सड़क, लेकिन पेड़ों को नुकसान
यह सड़क SoS को अवधपुरी से जोड़ती है और लोगों के आने-जाने में सुविधा प्रदान करती है। लेकिन निर्माण के दौरान पुरानी जड़ों को कंक्रीट में दबा देने से पेड़ हवा, पानी और पोषण नहीं ले पा रहे। पर्यावरणविद् राशिद खान कहते हैं, “पेड़ों की जड़ों के चारों ओर सीमेंट डालना उन्हें धीरे-धीरे मौत की ओर धकेलना है। यह सिर्फ पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुँचाता, बल्कि भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकता है।”
स्थानीय लोगों की नाराजगी
स्थानीय निवासी इस पर काफी नाराज हैं।
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आरती पटेल कहती हैं, “ये पेड़ हमें दशकों से छाया देते थे। अब बच्चों के लिए खेलना और शाम की सैर करना मुश्किल हो गया है।”
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प्रशांत कुमार ने कहा, “सड़क अच्छी बनी है, लेकिन अगर बारिश में पेड़ गिर गए तो अफरा-तफरी मच जाएगी। टैक्स विकास के लिए देते हैं, विनाश के लिए नहीं।”
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राम वर्मा कहते हैं, “ये पेड़ परिवार जैसे थे; कंक्रीट ने उनकी जड़ों को मार दिया। हमारे स्वास्थ्य और पक्षियों के घर का कौन ख्याल रखेगा?”
PWD का मौन
नीम, पीपल और बरगद जैसे पुराने पेड़ जो कार्बन सोखते हैं, शहर को ठंडा रखते हैं और प्रदूषण कम करते हैं, अब खतरे में हैं। जब PWD के मुख्य अभियंता संजय मास्के से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
भविष्य में अतिरिक्त खर्च का अंदेशा
पर्यावरणविद् राशिद खान का कहना है कि जड़ों में फंगस लगने से पेड़ अंदर ही खोखले हो जाएंगे और मामूली आंधी में गिर सकते हैं। इसके अलावा, भविष्य में इन मृत पेड़ों को हटाने और नए पौधे लगाने में करोड़ों रुपये का अतिरिक्त खर्च आ सकता है।
मुख्य बिंदु
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PWD के ठेकेदारों ने पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट भर दिया, जिससे उनकी जड़ों को हवा और पानी नहीं मिल पा रहा।
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जड़ों में फंगस लगने से पेड़ अंदर ही खोखले हो जाएंगे और गिरने का खतरा बढ़ जाएगा।
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भविष्य में मृत पेड़ हटाने और नए पौधे लगाने पर करोड़ों रुपये खर्च होने का अंदेशा है।
