Monday, February 23

‘सीडी है तो सार्वजनिक करो?’ यौन शोषण के आरोपों पर अविमुक्तेश्वरानंद बोले- ईश्वर की अदालत पर भरोसा

वाराणसी/प्रयागराज, 23 फरवरी 2026: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर नाबालिग शिष्यों के यौन शोषण के आरोप के चलते प्रयागराज के झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई है। इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी को जन्म दिया है।

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान

वाराणसी में सोमवार को मीडिया से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा:

  • “हमारा हृदय जानता है कि हम गलत हैं या नहीं। ऊपर ईश्वर भी देख रहा है कि कौन सही है और कौन गलत। जो झूठ है, वह अंत में पता चल ही जाता है। जो कहानी गढ़ी गई है, वह आज नहीं तो कल झूठी साबित होगी।”

  • उन्होंने कहा कि उनके गुरुकुल में जिन बच्चों का नाम लिया जा रहा है, वे कभी वहां पढ़ने नहीं आए। “वे हरदोई के विद्यालय के छात्र हैं। यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि सीडी है। यह सीडी किस चीज की है, क्यों सार्वजनिक नहीं की जाती?”

  • “प्रयागराज में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे थे। यदि कुछ हुआ होता तो प्रशासन ने मॉनीटर किया होता। इसके बावजूद भ्रम फैलाया जा रहा है कि गुरुकुल में कुछ हुआ।”

सनातन धर्म और चोला विवाद

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सनातन धर्म को नष्ट करने के लिए हिंदू धर्म का चोला पहनकर कार्य कर रहे हैं। उनका कहना था:
“चार शंकराचार्य देश में सत्य सनातन की बात कर रहे हैं। जब धर्म विरोधी चोट नहीं पहुंचा सके तो कुछ लोग चोला पहनकर आगे आए। उनका यही प्रयास है कि शंकराचार्यों की मर्यादा को तार-तार किया जाए।”

FIR का विवरण

झूंसी थाने में दर्ज FIR में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अलावा उनके शिष्य मुकुंदानंद का भी नाम शामिल है।

  • शिकायत श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी ने दर्ज कराई।

  • आरोप है कि माघ मेले के दौरान एक नाबालिग और एक बालिग बच्चे ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के पास जाकर शोषण का गंभीर आरोप लगाया।

  • बताया गया कि शिष्य ही बच्चों पर गुरु सेवा के नाम पर दबाव डालते थे।

पुलिस इस मामले की जांच जारी रखी है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि वे पुलिस कार्रवाई का पूरा सहयोग करेंगे और न्याय की प्रक्रिया पर भरोसा रखते हैं।

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