
गुवाहाटी (असम), 23 फरवरी 2026: आगामी विधानसभा चुनावों में असम में तीसरी बार जीत हासिल करने के लिए BJP ने बड़ी रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने चुनाव से पहले ही 50 प्रतिशत वोट शेयर का टारगेट रखा है। पिछली बार बीजेपी को राज्य में केवल 33.2% वोट मिले थे। इस लक्ष्य को हासिल करने में विफल रहने पर विपक्ष 20 से 28 सीटों तक सिमट सकता है। असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं।
पीएम मोदी और अमित शाह ने बढ़ाया चुनावी उत्साह
पूर्वोत्तर के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के आगमन ने राज्य में चुनावी माहौल और तेज कर दिया है। वहीं कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी और डीके शिवकुमार भी चुनावी सरगर्मी बढ़ाने के लिए असम पहुंच चुके हैं।
भूपेन बोरा की बीजेपी में एंट्री
असम प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व प्रमुख भूपेन बोरा की बीजेपी में शामिल होने को पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इसके साथ ही, सीएम हिमंता बिस्वा सरमा खुलकर कांग्रेस पर हमला बोल रहे हैं और राज्य में अपनी लोकप्रियता का फायदा उठाकर पार्टी की जीत सुनिश्चित करना चाहते हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध बांग्लादेशियों के मुद्दे को फिर से उठाया और पांच साल में डिपोर्ट करने का वादा किया।
विधायकों के टिकट कटने की संभावना
हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के पास कुल 86 विधायकों का समर्थन है, जिनमें से बीजेपी के पास 67 विधायक हैं। पार्टी ने करीब 30 प्रतिशत विधायकों के टिकट काटने का निर्णय लिया है। ऐसे में लगभग 20 से 25 विधायक अपने घर बैठ सकते हैं। पार्टी ने इसके लिए सर्वे और आंकलन प्रक्रिया पूरी कर ली है। कम सक्रिय, क्षेत्र में कमजोर छवि वाले और उम्रदराज विधायकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बीजेपी की यह रणनीति केवल वोट शेयर बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एनडीए सहयोगियों के साथ सीट शेयरिंग और विपक्षी नेताओं की सेंध लगाने के लिए भी तैयार की गई है। पिछले दो चुनावों में पार्टी ने असम में 60 सीटों पर जीत हासिल की थी।
