Monday, February 23

भारत-ईयू FTA से टेक्सटाइल सेक्टर चमकेगा, 27 बड़े देशों तक बढ़ी भारत की पहुंच

नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से देश के टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ा समर्थन मिलने वाला है। 16वें इंडिया-ईयू समिट में औपचारिक रूप से पूरा हुआ यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत आर्थिक नेतृत्व का परिणाम है।

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वैश्विक मंच पर भारत की ताकत

ईयू विश्व की दूसरी और भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। दोनों का वैश्विक GDP में लगभग 25% हिस्सा है। 2014 से पहले भारत सिर्फ 19 देशों के साथ व्यापार करता था, अब यह संख्या बढ़कर 56 देशों तक पहुंच गई है। सिर्फ भारत-ईयू FTA से ही 27 बड़े और महत्वपूर्ण बाजारों तक पहुंच खुल गई है।

टेक्सटाइल निर्यात में तेजी

विश्व का वस्त्र एवं परिधान बाजार अब 1.1 लाख करोड़ डॉलर से अधिक का हो गया है। इस तेजी को देखते हुए भारत ने भी अपनी स्थिति मजबूत बनाई है।

  • भारत का कुल टेक्सटाइल निर्यात 10 अरब डॉलर से बढ़कर 40 अरब डॉलर हो गया।

  • घरेलू टेक्सटाइल बाजार 138 अरब डॉलर से बढ़कर 190 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

सरकार की नीतिगत पहलों से उत्पादन व्यवस्था आधुनिक हुई, आपूर्ति व मूल्य श्रृंखला मजबूत हुई और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा बढ़ी। रेडीमेड कपड़ों और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विस्तार ने भी निर्यात में योगदान दिया।

बाजारों तक बढ़ी पहुंच

भारत-ईयू व्यापार करार से यूरोपीय संघ के 2 अरब उपभोक्ताओं और 24 ट्रिलियन डॉलर के बाजार तक भारत की पहुंच सुनिश्चित हुई है। इसके तहत भारत के 99% से अधिक निर्यात को प्राथमिकता मिलेगी और करीब 33 अरब डॉलर के सामान पर लगने वाला 10–12% टैरिफ समाप्त होगा।

कौशल विकास और उत्पादन विस्तार

बीते 10 सालों में भारत के उत्पादन तंत्र में 2 करोड़ से अधिक सिलाई मशीनें जोड़ी गईं, जिससे उत्पादन और उत्पादकता में सुधार हुआ और रोजगार के अवसर बढ़े। केंद्रीय बजट 2026-27 में भी टेक्सटाइल सेक्टर को विकास रणनीति के केंद्र में रखा गया है। इसके तहत:

  • मेगा टेक्सटाइल पार्क

  • इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन

  • टिकाऊ उत्पादन पहल

  • समर्थ 2.0 के तहत कौशल विकास

प्रमुख टेक्सटाइल क्लस्टरों में निर्यात सुविधा केंद्र बनेंगे, जो निर्यातकों को FTA और बाजार संबंधी सभी सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराएंगे।

लक्ष्य 2030

भारत का लक्ष्य 2030 तक टेक्सटाइल निर्यात 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना और भारत-ईयू FTA के तहत दोनों देशों के बीच कुल व्यापार को 179 अरब डॉलर से बढ़ाकर 350 अरब डॉलर तक ले जाना है। इस समझौते के साथ भारत सिर्फ वैश्विक व्यापार का हिस्सा नहीं, बल्कि इसे दिशा देने वाला देश बन रहा है।

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