
अहमदाबाद: राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को कांग्रेस नेतृत्व गुजरात का प्रभारी बनाने पर विचार कर रहा है। पार्टी की योजना है कि युवा और लोकप्रिय चेहरे के जरिए राज्य में कांग्रेस को नई ऊर्जा और मजबूती मिले। वर्तमान में गुजरात कांग्रेस का प्रभारी मुकुल वासनिक हैं, जो राज्यसभा के सदस्य भी हैं।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा उस समय तेज हुई है जब गुजरात कांग्रेस के शीर्ष नेता हाल ही में दिल्ली दौरे पर गए थे। गुजरात में पार्टी का संगठनात्मक काम वर्तमान में अध्यक्ष अमित चावड़ा और विधानसभा में नेता विधायक दल डॉ. तुषार चौधरी देख रहे हैं।
पहले भी राजस्थान के नेता रहे प्रभारी
इतिहास में राजस्थान के नेताओं ने गुजरात का प्रभारी पद संभाला है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके करीबी रघु शर्मा इस जिम्मेदारी को पहले निभा चुके हैं। 2017 में जब कांग्रेस ने बीजेपी को केवल 99 सीटों पर रोका था, तब भी अशोक गहलोत राज्य के प्रभारी थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सचिन पायलट के नेतृत्व में गुजरात कांग्रेस को नई ऊर्जा मिलेगी, क्योंकि वे युवाओं में काफी लोकप्रिय और आकर्षक नेता माने जाते हैं।
पिछले सालों में गुजरात के प्रभारी रहे नेता
मुकुल वासनिक (वर्तमान प्रभारी)
रघु शर्मा
अशोक गहलोत
राजीव सातव
गुरुदास कामत
गुजरात में कांग्रेस की स्थिति और रणनीति
गुजरात में कांग्रेस के पास अब 26 लोकसभा में केवल 1 सीट है, जबकि 182 सदस्यों वाली विधानसभा में केवल 12 विधायक हैं। 2022 के चुनाव में पार्टी ने 17 सीटें जीती थीं, जिनमें से पांच विधायक बाद में पार्टी छोड़ चुके हैं।
राजनीति के जानकार मानते हैं कि सचिन पायलट के आने से न केवल संगठन को ताज़गी मिलेगी, बल्कि आगामी महानगरपालिका चुनावों में भी पार्टी की स्थिति मजबूत होगी। इन चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनावों के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है।
अटकलें हैं कि कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी भी जल्द ही गुजरात का दौरा कर सकती हैं और चुनावी रणनीति का जायजा लेंगी।
