Friday, March 20

बिहार ने लगातार 17वां महीना देश में पहला स्थान हासिल किया: मुफ्त दवा वितरण में राजस्थान को पीछे छोड़ा

पटना: स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बिहार ने एक बार फिर नई उपलब्धि दर्ज की है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के मामले में बिहार ने राजस्थान को पछाड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह बिहार के लिए लगातार 17वां महीना है, जब राज्य इस रैंकिंग में शीर्ष पर है।

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केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी डैशबोर्ड की नवीनतम रैंकिंग में जनवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार बिहार ने 80.89 अंकों के साथ राजस्थान (77.65 अंक) और पंजाब (71.31 अंक) को पीछे छोड़ दिया। नागालैंड, लक्षद्वीप और मणिपुर इस रैंकिंग में सबसे निचले स्थान पर हैं।

सफलता के पीछे की रणनीति

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बिहार में मुफ्त दवा वितरण में सफलता का रहस्य कई रणनीतियों का कुशल संयोजन है। इनमें शामिल हैं:

  • राज्यभर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की सूची (EDL) का निर्धारण

  • दवा वितरण नियमावली का तिथिवार पालन

  • छोटे स्वास्थ्य केंद्रों से बड़े संस्थानों तक रेफरल पॉलिसी की सख्त निगरानी

  • DV DMS पोर्टल के माध्यम से दवा भंडारपाल, अस्पताल प्रबंधक और प्रभारी के लिए जवाबदेही तय करना

  • आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) एप से मरीजों का पंजीकरण और दवा वितरण के लिए वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना

अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं की संख्या

अस्पताल का प्रकार OPD में दवाएं IPD में दवाएं
मेडिकल कॉलेज अस्पताल 356 255
जिला अस्पताल 287 169
अनुमंडलीय अस्पताल 212 101
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 212 97
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 201 93
शहरी PHC 180
अतिरिक्त PHC 140 53
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर 151
स्वास्थ्य उपकेंद्र 97

QR कोड सुविधा से मरीजों को फायदा

बिहार के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में QR कोड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके जरिए मरीज और उनके परिजन दवाओं की उपलब्धता की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। राज्य में करीब 10,626 सरकारी स्वास्थ्य केंद्र हैं, जहां हर साल लगभग 6.5 करोड़ मरीज इलाज के लिए आते हैं। इस सुविधा से गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग आसानी से मुफ्त दवाएं प्राप्त कर पा रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार का यह प्रदर्शन पूरे देश के लिए मिसाल है। लगातार 17 महीनों तक पहले स्थान पर बने रहना इस बात का प्रमाण है कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत, पारदर्शी और दक्ष प्रबंधन के साथ काम कर रही है।

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