
नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने अफगानिस्तान में तालिबान के नए कानून की कड़ी आलोचना की है, जिसमें महिलाओं को मारने-पीटने की खुली छूट दी गई है। स्वरा ने इसे “निर्दयी, क्रूर और राक्षस” करार दिया और तालिबान को मानव जाति के सबसे घिनौने नमूनों में शामिल बताया।
तालिबान का नया कानून
तालिबान ने अपने नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा द्वारा साइन की गई 90 पेज की नई दंड संहिता लागू की है। इसके अनुसार:
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पति अपनी पत्नी को पीट सकता है, बशर्ते हड्डी न टूटे और कोई खुला घाव न दिखे।
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महिला को घरेलू हिंसा की शिकायत करने का अधिकार है, लेकिन कुछ शर्तें रखी गई हैं, जैसे कि पति या गार्जियन के साथ कोर्ट में आना और अपने खुले घाव दिखाना।
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अगर खुला घाव नहीं है और हड्डी नहीं टूटी, तो पीटना जायज माना जाएगा और कोई सजा नहीं होगी।
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अगर महिला साबित कर दे कि पति ने गंभीर चोट पहुंचाई है, तो पति को 15 साल तक की जेल हो सकती है।
स्वरा भास्कर का रिएक्शन
स्वरा ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “विश्वास नहीं होता। सच कहूं तो तालिबान मानव जाति के सबसे घिनौने नमूनों में से एक है। निर्दयी और क्रूर, बिलकुल राक्षस। यह मानवता और उस धर्म का अपमान है, जिसका वो प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं। बेहद घृणित।”
विवादित बयानों का इतिहास
यह पहला मौका नहीं है जब स्वरा तालिबान या विवादित वैश्विक मुद्दों पर बोल चुकी हैं।
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साल 2021 में उन्होंने हिंदुत्व आतंकवाद और तालिबान आतंक पर ट्वीट किया था, जिससे उन्हें निशाने पर लिया गया।
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साल 2025 में उन्होंने फिलिस्तीन और इजरायल के गाजा हमले पर ट्वीट किया, जिससे सोशल मीडिया पर बवाल मचा।
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इसी साल उन्होंने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए कहा था कि यह देश लंदन, लाहौर, पैरिस और न्यू यॉर्क से बेहतर है, हालांकि बाद में सुर बदल गए।
स्वरा भास्कर का यह रिएक्शन तालिबान के महिलाओं के खिलाफ सख्ती वाले नए कानून पर वैश्विक स्तर पर चर्चा का कारण बन गया है।
