
शाहजहांपुर। मशहूर अभिनेता राजपाल यादव को 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में 17 फरवरी को अंतरिम जमानत मिली। जमानत मिलने के बाद वह पत्नी राधा यादव के साथ अपने गांव शाहजहांपुर पहुंचे और भतीजी की शादी में शामिल हुए। इस मौके पर राजपाल और राधा यादव ने अपनी कानूनी लड़ाई और भविष्य की योजना के बारे में विस्तार से बात की।
राजपाल यादव ने बताया कि जेल में उनके लिए सबसे कठिन समय परिवार से दूर रहना था। उन्होंने कहा, “इसके अलावा मैंने अपनी दिनचर्या बनाए रखी। मैं सुबह जल्दी उठता और ब्रीदिंग एक्सरसाइज करता। मानसिक संतुलन बनाए रखना मेरी प्राथमिकता थी। यह मामला कई साल से चल रहा है, इसलिए इसे कानूनी रूप से निपटाना ही सही लगा।”
वहीं, राधा यादव ने कहा, “हमने सभी कानूनी और सम्मानजनक विकल्पों पर विचार किया। कभी-कभी समाधान केवल इच्छाशक्ति पर निर्भर नहीं करता, बल्कि समय पर भी निर्भर करता है।”
राजपाल यादव और राधा यादव ने उन सभी का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस मुश्किल वक्त में उनकी मदद की। फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गज, जैसे सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, गुरु रंधावा और मीका सिंह ने आर्थिक सहायता और काम के अवसर प्रदान किए। राजपाल ने कहा, “मुझे मिले प्यार और विश्वास के लिए मैं आभारी हूं। किसी भी व्यक्ति के लिए सम्मान, समय और अपनी बात कहने का मौका सबसे महत्वपूर्ण होता है।”
भविष्य की योजना पर राजपाल यादव ने कहा कि वह कोर्ट का सम्मान करते रहेंगे और कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे। उन्होंने बताया कि काम का शेड्यूल कुछ समय के लिए लटक सकता है, लेकिन वह धीरे-धीरे और जिम्मेदारी से एक्टिंग को फिर से शुरू करेंगे।
चेक बाउंस मामला: साल 2010 में राजपाल यादव की फिल्म अता पता लापता से जुड़े इस मामले की शुरुआत 2012 में हुई थी। फिल्म के लिए उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स से 5 करोड़ रुपये लिए थे। फिल्म फ्लॉप हुई और चेक बाउंस के कारण मामला अब 2026 तक पहुंच गया। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया था।
अंतरिम जमानत के तहत राजपाल यादव की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी, जिसमें उन्हें और विपक्षी पक्ष को कोर्ट में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
