
नई दिल्ली। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक टैरिफ आदेश में बड़ा बदलाव आया है। भारत पर अब अस्थायी रूप से 10 प्रतिशत का टैरिफ लागू होगा। यह नया शुल्क सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए IEEPA आधारित टैरिफ की जगह लेगा।
अमेरिका-भारत व्यापार पर असर
इस महीने की शुरुआत में दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बनाई थी। इसके तहत भारत पर लगने वाला शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया था। अब व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर यह दर 10 प्रतिशत तक कम कर दी गई है। यह दर अस्थायी है और भविष्य में नई टैरिफ अथॉरिटी के तहत संशोधित हो सकती है।
ट्रंप ने क्या कहा
राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले कहा था कि भारत के व्यापार ढांचे में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और भारत टैरिफ का भुगतान करेगा। उन्होंने अमेरिका-भारत व्यापार सौदे को एक “उचित समझौता” बताया और कहा कि इसमें थोड़ा फेरबदल किया गया है।
आगे और टैरिफ की संभावना
ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में धारा 232 और 301 सहित अन्य कानूनों के तहत अतिरिक्त टैरिफ लागू किए जा सकते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “संभावित रूप से अधिक टैरिफ लगाए जा सकते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम क्या बनाना चाहते हैं।”
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ट्रंप प्रशासन के IEEPA-आधारित टैरिफ को अस्थायी रूप से रोकेगा, लेकिन अमेरिका अभी भी अन्य वैधानिक उपायों के माध्यम से व्यापार दबाव बनाए रखने के विकल्प रखता है।
