
नई दिल्ली। फरवरी 2026 में भारत ने सऊदी अरब से पिछले छह सालों में सबसे अधिक कच्चा तेल आयात किया है। अमेरिकी दबाव के चलते रूस से तेल की खरीद घट गई और सऊदी अरब अस्थायी रूप से भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया।
सऊदी से आयात का नया उच्च स्तर
टाइम्स ऑफ इंडिया और ग्लोबल डेटा प्रोवाइडर Kpler के अनुसार फरवरी में भारत का सऊदी अरब से कच्चा तेल आयात लगभग 1 से 1.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) रहा। 20 फरवरी को यह 1.3 मिलियन बैरल तक पहुँच गया, जो रूस से आने वाले 1.1 मिलियन bpd से अधिक था। पिछले कुछ सालों में सऊदी अरब तीसरे या चौथे स्थान पर था, जबकि रूस हमेशा शीर्ष पर रहा।
रूस से आयात में आधी से अधिक गिरावट
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद भारत ने रूस से तेल खरीदना बढ़ा दिया था। 2022 में भारत लगभग 20 लाख bpd रूसी कच्चा तेल खरीद रहा था। अब केप्लर के अनुसार फरवरी में रूस से सप्लाई घटकर 8 से 10 लाख bpd रहने की संभावना है।
भविष्य का अनुमान
Kpler के लीड रिसर्च एनालिस्ट सुमित रितोलिया के अनुसार फरवरी में सऊदी अरब से आयात औसतन 1 से 1.1 mbd के करीब रहेगा, जो कई सालों का उच्चतम स्तर है। रूस से आयात अगले महीने 0.8 से 1 mbd के बीच रह सकता है। अप्रैल में यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों और कुछ रिफाइनरी में रखरखाव के कारण रूस से आयात में और गिरावट की उम्मीद है।
अमेरिका का दबाव
अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगातार दबाव बनाए रखा है। इसके परिणामस्वरूप भारत ने सऊदी अरब से आयात बढ़ाकर अपनी आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर किया है और वैश्विक बाजार में रूस पर निर्भरता कम की है।
