
नई दिल्ली। एंटी ड्रोन सिस्टम, ड्रोन जैमर और GPS जैमर उपकरणों की ऑनलाइन बिक्री पर सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने ऐसी वायरलेस ट्रांसमिटिंग डिवाइसेज बेचने वाले छह ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और कंपनियों को नोटिस जारी किया है।
किन कंपनियों को नोटिस मिला
CCPA ने Everse, Indiamart, Xboom, Javiat Aerospace, AirONE Robotics और Maveric Drones & Technologies Pvt Ltd जैसी कंपनियों से सवाल किए हैं। इनसे पूछा गया कि उपकरण कहां से खरीदे या इंपोर्ट किए गए, और इसके लिए इंपोर्ट लाइसेंस, खरीद की रसीदें और अन्य जरूरी दस्तावेज दिखाने होंगे। साथ ही खरीदारों की पूरी लिस्ट भी मांगी गई है।
कंपनियों पर आरोप
अथॉरिटी ने पाया कि ये कंपनियां ऑनलाइन बिक्री कर रही थीं, लेकिन लाइसेंस, Equipment Type Approval (ETA) और WPC सर्टिफिकेशन की जानकारी नहीं दे रही थीं। साथ ही ग्राहकों को यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा था कि आम लोगों के लिए इन उपकरणों को खरीदना और इस्तेमाल करना गैरकानूनी है। CCPA ने इसे ग्राहकों को गुमराह करने वाला बताया है।
CCPA के निर्देश
CCPA ने कंपनियों को विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया है। इसमें यह बताना होगा कि ये उपकरण कहां से खरीदे या इंपोर्ट किए गए। इंपोर्ट लाइसेंस, इनवॉइस और सरकारी मंजूरी (DoT, WPC, DGFT, Cabinet Secretariat, MHA) से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। कंपनियों को यह भी बताना होगा कि पिछले दो साल में कितने उपकरण बेचे गए और खरीदार कौन थे।
सरकार के नियम
ड्रोन जैमर और GPS सिग्नल जैमर भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम और वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम के तहत आते हैं। इनका इस्तेमाल केवल सरकारी एजेंसियों और कानून लागू करने वाली संस्थाओं को लाइसेंस मिलने पर ही किया जा सकता है। आम लोगों के लिए इनका खरीदना और इस्तेमाल करना गैरकानूनी है।
CCPA की यह कार्रवाई ऑनलाइन बिक्री में पारदर्शिता लाने और ग्राहकों को गलत जानकारी मिलने से रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
