
लखनऊ/बांदा: बच्चों के यौन शोषण और अश्लील वीडियो बनाने के मामले में बांदा के जेई रामभवन और उनकी पत्नी दुर्गावती सुर्खियों में हैं। आरोप है कि दंपती ने 33 बच्चों के अश्लील वीडियो और फोटो बनाकर अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, कजाकिस्तान, बांग्लादेश समेत 47 देशों में भेजे। इसी के बाद अंतरराष्ट्रीय पुलिस एजेंसी इंटरपोल की नजरें उन पर पड़ीं।
इंटरपोल ने आरोपी दंपती के फोन नंबर, ईमेल आईडी, भेजे गए वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाकर सीबीआई को पेन ड्राइव में सौंपे। पेन ड्राइव में 34 वीडियो और 679 फोटो बरामद हुईं। इसके आधार पर सीबीआई ने 31 अक्टूबर 2020 को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
डिजिटल माध्यमों में रखा अश्लील कंटेंट
रामभवन ने जीमेल और गूगल फोटो में बच्चों की अश्लील वीडियो और फोटो स्टोर रखी थी। इसके अलावा न्यूजीलैंड की वेबसाइट “मेगा एन जेड” में सैकड़ों जीबी की स्टोरेज खरीद रखी थी। इंटरपोल ने इन्हीं माध्यमों से डिजिटल साक्ष्य जुटाए थे।
हैवानियत की हदें पार
रामभवन ने अपनी बहन के बेटे समेत कई मासूम बच्चों का यौन शोषण किया। हमीरपुर में नहर निर्माण के दौरान एक व्यक्ति और उसके छह बच्चों का भी शोषण किया गया। कर्वी के किराए के मकान में रहने के दौरान मकान मालिक के बच्चों का भी वीडियो बनाया गया।
अदालत में बच्चों ने किया खुलासा
सीबीआई की लोक अभियोजक धारा सिंह मीणा ने बताया कि 33 पीड़ितों में से 29 बच्चों ने कोर्ट में गवाही दी। ज्यादातर बच्चे गरीब परिवारों के थे। आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी में सेक्स टॉय, 40 से अधिक प्रकार के तेल, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य अश्लील सामग्री बरामद हुई।
धारा सिंह ने बताया कि पत्नी दुर्गावती भी रामभवन के काले कारनामों में पूरी तरह शामिल थी और घर में काम करने वाले बच्चों को भी शोषित किया गया।
