
मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): बिहार के किसान प्रयाग देव सिंह ने अपनी परंपरागत खेती से हटकर कुछ नया करके जिले में चर्चा बटोर ली है। अमेरिका से मंगाए गए काले आलू के बीज से उन्होंने अपने खेत में ‘काला सोना’ उगाया। काले आलू का वजन आम आलू से कहीं अधिक है और इसकी गुणवत्ता भी बेहतरीन है।
प्रयाग देव सिंह सागर चुरारमन गांव के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में पहले साल काले आलू का उत्पादन बहुत कम था और आलू मटर के दाने जितना छोटा था। दूसरे साल भी उत्पादन में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसके बाद मिट्टी की जांच कराई गई, जिसमें कुछ कमी पाई गई। जैविक पोषण के जरिए मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाई गई और तीसरे साल फसल ने शानदार आकार लिया। अब 3-4 आलू में 1 किलो का उत्पादन होने लगा है।
काले आलू की खेती के लिए प्रयाग देव सिंह ने अमेरिका से बीज मंगवाया, जिसकी कीमत लगभग 5 हजार रुपये प्रति किलो पड़ी। किसान ने कहा, “काले आलू की खेती में जोखिम था, लेकिन सही बीज और मेहनत से फसल ने उम्मीदों पर खरा उतरा। बिहार में कई किसान अब इस खेती में रुचि दिखा रहे हैं।”
पूर्वी चंपारण के अलावा, सीतामढ़ी और जुमई के किसान भी काले आलू की खेती कर चुके हैं। इनमें से कुछ किसान पटना से बीज मंगाकर अपने खेतों में सफल फसल उगा चुके हैं।
काले आलू की खेती से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ रही है, बल्कि यह खेती में नवाचार और परंपरागत खेती के प्रति जागरूकता फैलाने में भी मदद कर रही है|
