
लखनऊ, 21 फरवरी 2026। राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ एक बार फिर कड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला। Lucknow Development Authority (एलडीए) ने शुक्रवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में चल रहे अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाते हुए करीब 40 बीघा जमीन पर की जा रही 8 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। वहीं, हजरतगंज क्षेत्र में एक अवैध तीन मंजिला व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया गया।
गोसाईंगंज में 10 बीघा अवैध कॉलोनी ध्वस्त
प्रवर्तन जोन-2 के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह ने बताया कि गोसाईंगंज के ग्राम कासिमपुर बिरूहा, चांद सराय क्रॉसिंग के पास लगभग 10 बीघा क्षेत्रफल में बिना ले-आउट स्वीकृति के अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी।
एलडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्लॉटिंग के लिए की गई बाउंड्री, सड़कों और अन्य निर्माणों को ध्वस्त कर जमीन को खाली कराया। अधिकारियों के अनुसार यह अवैध प्लाटिंग राजेंद्र श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों द्वारा कराई जा रही थी।
काकोरी में 20 बीघा जमीन पर चला अभियान
प्रवर्तन जोन-3 के जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह ने बताया कि काकोरी क्षेत्र के ग्राम इब्राहिमगंज, खुदाईंट और पलेंहदा में भी बड़ी कार्रवाई की गई। यहां सोनू कनौजिया, छोटू, पप्पू लोधी, सोनू और प्रमोद यादव द्वारा लगभग 20 बीघा क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी।
एलडीए ने यहां चार अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त करते हुए जमीन को समतल करा दिया।
सैरपुर में 10 बीघा अवैध प्लाटिंग हटाई
प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी राजीव कुमार के नेतृत्व में सैरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पलहरी, बौरूमऊ और कोडरी भौली में भी अभियान चलाया गया।
यहां दीपू यादव, राजेश वर्मा और स्वरूपे समेत अन्य लोगों द्वारा लगभग 10 बीघा जमीन पर अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। एलडीए ने तीन अवैध प्लाटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
हजरतगंज में 3 मंजिला कॉम्प्लेक्स सील
कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। प्रवर्तन जोन-6 के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि हजरतगंज के डालीबाग स्थित बटलर रोड पर लगभग 300 वर्गमीटर भूखंड पर तीन मंजिला व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जा रहा था।
यह निर्माण बिना विधिवत स्वीकृति के किया जा रहा था। विहित न्यायालय द्वारा वाद योजित कर सीलिंग के आदेश पारित किए जाने के बाद एलडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे भवन को सील कर दिया।
अवैध निर्माण पर सख्ती जारी
एलडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना मानचित्र स्वीकृति और ले-आउट अनुमति के किसी भी प्रकार की प्लाटिंग या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजधानी में अवैध कॉलोनियों और व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है और शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए अवैध निर्माणों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
