Thursday, February 19

बिहार ने AI में दिखाई ताकत, दिल्ली में बजाया राज्य का डंका

नई दिल्ली: India AI Impact Expo 2026 में इस बार बिहार ने तकनीक आधारित शासन का ऐसा मॉडल पेश किया, जिसने नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों का ध्यान खींच लिया। हॉल नंबर-5 के प्रथम तल पर बने बिहार पवेलियन में राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार सरकार और Bihar GenNext Lab ने मिलकर डिजिटल लोकतंत्र और स्मार्ट गवर्नेंस की नई दिशा दिखाई। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा और इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव संदीप पौंड्रिक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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देश का पहला मोबाइल आधारित रिमोट ई-वोटिंग सिस्टम

सांसद संजय झा ने कहा, “बिहार ने मोबाइल आधारित ई-वोटिंग, एआई आधारित काउंटिंग और डेटा-आधारित शासन का मॉडल पेश करके डिजिटल लोकतंत्र में नई मिसाल कायम की है। यह पहल पारदर्शिता, समावेशन और जवाबदेही को मजबूत करती है और बिहार को तकनीकी नेतृत्व वाले राज्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करती है।”

राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार ने शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए देश का पहला मोबाइल आधारित रिमोट ई-वोटिंग सिस्टम पेश किया। यह विशेष रूप से प्रवासी मतदाता, बुजुर्ग, दिव्यांग और अस्पताल में भर्ती मतदाताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। AI, FRS और ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल इसे सुरक्षित और पारदर्शी बनाता है।

बूथ पर फर्जी वोटिंग पर कड़ी रोक

पवेलियन में FRS आधारित वोटर वेरिफिकेशन मोबाइल ऐप भी प्रदर्शित किया गया, जो फेसियल रिकग्निशन सिस्टम के जरिए फर्जी या डुप्लीकेट वोटिंग को रोकता है। यह ऐप ऑफलाइन मोड में भी काम करता है और पुराने EPIC फोटो के साथ सटीक मिलान करता है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मजबूत होती है।

AI आधारित ओसीआर काउंटिंग से तेज़ और सटीक नतीजे

चुनाव परिणामों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एआई आधारित ओसीआर काउंटिंग सिस्टम भी पेश किया गया। यह तकनीक ईवीएम से लाइव डेटा डिजिटल रूप में निकालती है और वैलिडेशन करती है। वीडियो रिकॉर्ड और टाइम-स्टैम्प ऑडिट लॉग तैयार होते हैं, जिससे किसी भी स्तर पर जांच संभव होती है। इस प्रणाली का उपयोग नगर पालिका और पंचायत चुनावों में सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

7 डिजिटल कियोस्क से शासन में तकनीकी क्रांति

Bihar GenNext Lab ने 7 डिजिटल कियोस्क के जरिए दिखाया कि कैसे AI, डेटा साइंस और GIS मिलकर प्रशासन को बदल रहे हैं। प्रमुख कियोस्क मॉडल हैं:

  • डैशबोर्ड कियोस्क: 45 विभागों और 38 जिलों का रियल-टाइम डेटा विज़ुअलाइजेशन।

  • डेटा रिपॉजिटरी कियोस्क: सभी विभागों का डेटा एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध।

  • GIS मैपिंग कियोस्क: पंचायत से राज्य स्तर तक सरकारी संस्थानों की लोकेशन।

  • Ask Aryabhat: चैटबॉट आधारित सिस्टम, जो अधिकारियों को तुलना, विश्लेषण और सुझाव देता है।

इस पहल से बिहार न सिर्फ प्रशासनिक प्रशिक्षण में तकनीकी क्रांति की ओर अग्रसर है, बल्कि साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया को भी मजबूत कर रहा है। यह मॉडल पूरे देश के लिए डिजिटल लोकतंत्र और स्मार्ट गवर्नेंस की नई दिशा तय करता है।

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