
मुंबई, 18 फरवरी 2026: गुड़हल के पौधे की खूबसूरत कलियों का आनंद बगिया और बालकनी दोनों में ही खुशी बिखेरता है। लेकिन कई बार पौधे पर फूल नहीं आते और बगीचे का रूप सुना नजर आता है। इस समस्या का आसान समाधान गार्डनिंग एक्सपर्ट कविता जोशी ने बताया है। उनके अनुसार केले के छिलके का उपयोग कर सही देखभाल से पौधे में फूलों की संख्या और साइज बढ़ाई जा सकती है।
सही गमला और मिट्टी
गुड़हल की जड़ें तेजी से फैलती हैं, इसलिए पौधे को 12-16 इंच के गमले में लगाना चाहिए। मिट्टी को भुरभुरा बनाएं, जिसमें गोबर की खाद मिलाकर जड़ों का विकास और पौधे की सेहत बेहतर बनाई जा सकती है।
कटाई-छंटाई और गुड़ाई
अधिक फूल पाने के लिए सर्दी के बाद मार्च या अप्रैल में प्रूनिंग करें। प्रूनिंग से पौधा घना होता है और नई शाखाओं पर अधिक फूल खिलते हैं। इसके अलावा, महीने में कम से कम एक-दो बार मिट्टी की हल्की गुड़ाई करना जरूरी है, ताकि जड़ों तक हवा पहुंचे और पोषक तत्व आसानी से पहुंच सकें।
केले के छिलके से खाद
सर्दी के बाद पौधे को भारी मात्रा में पोटेशियम की जरूरत होती है। इसके लिए केले के छिलके सबसे उपयुक्त हैं।
खाद बनाने का तरीका:
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केले के छिलके धूप में अच्छी तरह सुखाएं।
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सूखने के बाद इन्हें छोटे टुकड़ों में तोड़ें या पाउडर बना लें।
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मिट्टी की हल्की गुड़ाई करके छिलके का पाउडर चारों तरफ डालें और थोड़ा पानी दें।
इस ऑर्गेनिक पोटेशियम से पौधे की फूलों की संख्या और आकार बढ़ता है।
पानी देने का सही तरीका
गुड़हल को नमी पसंद है, लेकिन अधिक पानी जड़ों को सड़ने का कारण बन सकता है। मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही पानी दें, और पत्तियों पर भी हल्का छिड़काव करें। इससे पौधा बेहतर फोटोसिंथेसिस कर पाएगा।
और ध्यान रखने योग्य बातें
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पौधे को ऐसी जगह रखें जहाँ 5-6 घंटे की धूप मिले।
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सफेद रूई जैसे कीड़े लगने पर नीम तेल के पानी से छिड़काव करें।
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पीली पत्तियों को नियमित हटाते रहें।
नया पौधा लगाने का तरीका
नया पौधा नर्सरी से या कटिंग से लगाया जा सकता है।
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पौधा लगाने का सही समय मानसून (जुलाई-अगस्त) है।
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पेंसिल जितनी मोटी स्टेम लेकर भुरभुरी मिट्टी में लगाएं, कटिंग जल्दी जड़ पकड़ लेगी।
निष्कर्ष: केले के छिलके से पौधे को पोषण देना, सही मिट्टी और पानी का ध्यान रखना, तथा प्रूनिंग करना गुड़हल के पौधे को स्वस्थ और फूलों से भरा रखता है।
