
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान दिल्ली में उन्हें टाइप-8 बंगला अलॉट किए जाने की पृष्ठभूमि और 1995 के गेस्ट हाउस कांड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बंगले को लेकर गलत प्रचार हो रहा है और इसे राजनीतिक रूप से तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
गेस्ट हाउस कांड और सुरक्षा
मायावती ने याद दिलाया कि 2 जून, 1995 को तत्कालीन सपा मुखिया के इशारे पर लखनऊ स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में उन पर जानलेवा हमला हुआ था। इस घटना के बाद तत्कालीन भारत सरकार की तरफ से उन्हें उच्च स्तर की सुरक्षा मुहैया कराई गई। सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें दिल्ली में टाइप-8 बंगला अलॉट किया गया था।
उन्होंने कहा, “अब इसे लेकर संकीर्ण राजनीति करना उचित नहीं है। बीएसपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते यह सुरक्षा व्यवस्था और बंगला मुझे मिला हुआ है।”
चुनाव और राजनीतिक संदेश
मायावती ने अपने समर्थकों से सचेत रहने का संदेश देते हुए कहा कि गठबंधन में चुनाव लड़ने की खबर झूठी है। वह अकेले दम पर चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस, सपा और भाजपा जैसी पार्टियों की सोच हमेशा से अंबेडकर विरोधी रही है और चुनावी माहौल में ध्यान भटकाने के लिए ऐसे प्रचार किए जाते रहते हैं।
बीएसपी सुप्रीमो ने कार्यकर्ताओं से पार्टी नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा, बीएसपी को सत्ता से दूर रखने के लिए षड्यंत्र रचे जाएंगे। इसलिए कार्यकर्ताओं को एकजुट रहना होगा।”
निष्कर्ष: मायावती ने स्पष्ट कर दिया कि उनके दिल्ली बंगले का मुद्दा सुरक्षा कारणों से है और इसे लेकर किसी तरह की राजनीतिक बहस या संकीर्ण प्रचार बेवजह है।
