
गुरुग्राम, 16 फरवरी 2026: भारतीय कहावत “अतिथि देवो भवः” की सजीव झलक हरियाणा के एक छोटे गांव में देखने को मिली, जब नीदरलैंड की अकेली महिला बाइकर मीके हिजमान को ग्रामीण परिवार ने अपने घर बुलाकर दिल से स्वागत किया।
मीके हिजमान, जो अकेले बाइक से भारत की सैर कर रही थीं, अंधेरा होने के समय किसी सुरक्षित जगह पर अपना टेंट लगाने के लिए स्थानीय खेत में काम कर रही एक बुजुर्ग महिला से मदद मांगने पहुंचीं। अंग्रेजी न समझ पाने के बावजूद महिला ने मना करने के बजाय अपने बेटे तुषार गुज्जर को बुलाया, जिन्होंने अनुवाद में मदद की।
मीके ने बताया कि उन्हें रात बिताने के लिए सुरक्षित जगह चाहिए। महिला ने पहले तो टेंट लगाने की बात सुनी, लेकिन फिर सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अपने घर आमंत्रित कर लिया। घर पहुँचने पर मीके का परिवार ने उनका हृदयपूर्वक स्वागत किया, उन्हें चाय और नाश्ता कराया, भारतीय भोजन परोसा और सोने के लिए विशेष इंतजाम किए।
इस दौरान मीके ने भैंस के दूध से बनी चाय भी पी और पूरे अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि भारतीय संस्कृति में अतिथियों के प्रति यह सम्मान और उदारता अद्वितीय है। मीके ने कहा, “भारत में अतिथि देवो भवः का अनुभव मेरे लिए अविस्मरणीय रहा।”
इस घटना ने भारतीय आतिथ्य की वैश्विक प्रशंसा को और मजबूती दी और यह दिखाया कि चाहे कोई देश-विदेश से आए, भारतीय संस्कृति में मेहमान हमेशा भगवान के समान सम्मान के पात्र हैं।
