
पटना: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने जेल से रिहाई के बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने विशेष रूप से IPS भानु प्रताप सिंह पर खुद की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें जेल और अस्पताल में अमानवीय व्यवहार झेलना पड़ा और बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया।
पत्रकारों से बातचीत में पप्पू यादव ने बताया, “पूर्णिया में लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ी धमकियों और हालिया पुलिस कार्रवाई के पीछे एक गहरी साजिश थी। IPS भानु प्रताप सिंह इस साजिश में शामिल थे। मुझे बिना इलाज के रखा गया, 24 घंटे पानी और खाना तक नहीं मिला।”
सांसद ने कहा कि वे इस मुद्दे को संवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे। उन्होंने लोकायुक्त और संयुक्त राष्ट्र से इस संबंध में शिकायत की है। पप्पू यादव ने कहा, “मैं न्यायालय के भरोसे ही बच सकता हूँ, अन्यथा लड़ने और संघर्ष करने का जज्बा अब खत्म हो गया है। बिहार में अच्छे और सच बोलने वाले लोगों के लिए राजनीति के लिए जगह नहीं बची है।”
पप्पू यादव ने यह भी कहा कि इस लड़ाई के लिए वे संसद में भी आवाज उठाएंगे और स्पीकर से भी मिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं और उनके घर पर पुलिसिया दबाव डाला गया।
यह बयान आते ही राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है और विपक्षी दलों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
