
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसी कारण विकसित देश भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) करने की होड़ में लगे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले विकसित देशों को भारत पर भरोसा नहीं था, क्योंकि उस समय देश नीति भ्रम, घोटालों और ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ से घिरा हुआ था।
प्रधानमंत्री ने यह बात शुक्रवार को ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 में कही। इस दौरान उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति, सुधारों और वैश्विक स्तर पर बढ़ते विश्वास को लेकर विस्तार से चर्चा की।
‘कोई रईस गांव की गरीब बेटी से शादी करने क्यों आएगा?’
प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से पहले भारत की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि तब देश का हाल गांव की गरीब बेटी जैसा था, जिससे कोई रईस रिश्ता करने नहीं आता। उन्होंने कहा कि जब देश भ्रष्टाचार, घोटालों और नीति में अस्थिरता से घिरा हो, तो कोई विकसित देश उसके साथ व्यापारिक समझौते करने का जोखिम नहीं उठाएगा।
पीएम ने कहा,
“जब देश पॉलिसी कन्फ्यूजन और स्कैम-फ्रॉड से घिरा हो, तो भारत पर कौन भरोसा करेगा?”
यूपीए काल में ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ का आरोप
प्रधानमंत्री ने यूपीए सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय देश में घपले-घोटालों का माहौल था और सरकार में निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो गई थी। इसी वजह से भारत की वैश्विक साख प्रभावित हुई और बड़े व्यापारिक समझौते संभव नहीं हो पाए।
‘मजबूरी में हुए सुधारों से अच्छे नतीजे नहीं मिलते’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में पहले सुधार मजबूरी में किए जाते थे, जैसे 1991 में आर्थिक संकट के समय। उन्होंने कहा कि जब सुधार मजबूरी में होते हैं तो उनका असर सीमित होता है, लेकिन उनकी सरकार ने बीते 11 वर्षों में पूरे आत्मविश्वास और स्पष्ट इरादे के साथ सुधार किए, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 26/11 हमले के बाद कांग्रेस सरकार ने एनआईए (NIA) का गठन किया और पावर सेक्टर के बिगड़ने के बाद ही उसकी ओर ध्यान दिया गया।
11वें स्थान से तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की राह
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन आज भारत ने तेज गति से आगे बढ़ते हुए दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह मजबूत कर ली है।
उन्होंने कहा कि महामारी, युद्ध और सप्लाई चेन संकट जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद यह दशक भारत के लिए विकास, मजबूत डिलीवरी सिस्टम और लोकतंत्र को सशक्त करने वाला रहा है।
UPI को बताया सुधारों का बड़ा उदाहरण
प्रधानमंत्री ने UPI का उदाहरण देते हुए कहा कि यह केवल एक तकनीकी ऐप नहीं बल्कि नीति, प्रक्रिया और बेहतर डिलीवरी सिस्टम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि UPI ने उन लोगों को भी वित्तीय प्रणाली से जोड़ा, जिन्होंने कभी बैंकिंग की कल्पना तक नहीं की थी।
पीएम ने कहा,
“जिसे कोई नहीं पूछता, उसे मोदी पूजता है।”
बजट, GST और बड़े फैसलों का भी जिक्र
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत का बजट अब केवल खर्च आधारित नहीं रहा, बल्कि आउटपुट-सेंट्रिक हो गया है। उन्होंने जीएसटी, नीति आयोग, अनुच्छेद 370 हटाने और तीन तलाक कानून जैसे सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कदमों ने देश को नई दिशा दी है।
‘अब भारत आत्मविश्वास से भरा है’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत में स्पष्ट नीति, मजबूत नेतृत्व और आर्थिक स्थिरता है। यही कारण है कि विकसित देश अब भारत को भरोसेमंद साझेदार मान रहे हैं और व्यापारिक समझौतों में रुचि दिखा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज का भारत सेल्फ-कॉन्फिडेंस से भरा है और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार है, इसी कारण एफटीए जैसे समझौते संभव हो पा रहे हैं।
