
मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में आई गिरावट का असर भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर साफ नजर आया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 6.711 अरब डॉलर घटकर 717.064 अरब डॉलर रह गया।
इससे पहले 30 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 723.774 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। वहीं, एक सप्ताह पहले इसमें 14.361 अरब डॉलर की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
FCA बढ़ा, फिर भी कुल भंडार घटा
आरबीआई के साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में बढ़ोतरी दर्ज की गई। समीक्षा सप्ताह में FCA 7.661 अरब डॉलर बढ़कर 570.053 अरब डॉलर हो गया। जबकि इससे एक सप्ताह पहले FCA में 493 मिलियन डॉलर की गिरावट आई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCA) कुल भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं, जिसमें डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य मुद्राओं में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल रहता है।
स्वर्ण भंडार की वैल्यू में 14.2 अरब डॉलर की गिरावट
विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की मुख्य वजह सोने के भंडार की वैल्यू में भारी कमी रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत घटने के कारण RBI के स्वर्ण भंडार का मूल्य 14.208 अरब डॉलर घटकर 123.476 अरब डॉलर रह गया।
एक सप्ताह पहले स्वर्ण भंडार में 14.595 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी। उल्लेखनीय है कि इस समय आरबीआई के पास 880 टन से अधिक सोना मौजूद है, जो कुल विदेशी मुद्रा भंडार का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा है।
SDR और IMF रिजर्व में भी हल्की कमी
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षा सप्ताह में भारत के विशेष आहरण अधिकार (SDR) में भी मामूली गिरावट आई। SDR 132 मिलियन डॉलर घटकर 18.821 अरब डॉलर रह गया।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास भारत के रिजर्व में भी 32 मिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई और यह घटकर 4.715 अरब डॉलर रह गया।
