
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम में इन दिनों जिस खिलाड़ी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, वह हैं स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन। टी20 विश्व कप 2026 में लगातार दमदार प्रदर्शन कर रहे किशन ने अपनी शानदार फॉर्म का राज बताते हुए कहा कि अब उनके व्यक्तित्व और सोच में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि वह पहले के मुकाबले अब कहीं ज्यादा गंभीर, अनुशासित और शांत हो गए हैं।
नामीबिया के खिलाफ 24 गेंदों में 61 रनों की तूफानी पारी खेलकर मैच का रुख पलटने वाले किशन ने साफ कहा कि अब उनका ध्यान सिर्फ क्रिकेट और अपने प्रदर्शन पर केंद्रित है।
‘पहले हर समय मजाक करता था, अब प्राथमिकताएं बदल गईं’
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में ईशान किशन ने अपने बदले हुए रवैये पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि करियर में उतार-चढ़ाव देखने और सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट गंवाने के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह बदलने का फैसला किया।
किशन ने कहा—
“पहले मैं 24 घंटे मजाक-मस्ती में रहता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब मैं ज्यादा शांत और गंभीर हो गया हूं। अब मेरा पूरा ध्यान बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर है।”
उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी जोड़ा कि टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन ने उन्हें अनुशासन और जिम्मेदारी का महत्व और बेहतर तरीके से समझाया है।
पावरप्ले में मचाया तांडव, बदली रणनीति का मिला फायदा
अभिषेक शर्मा की अनुपस्थिति में ओपनिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे ईशान किशन ने भारत को टी20 विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर (86/1) दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
उन्होंने अपनी नई बल्लेबाजी रणनीति पर भी बात की और कहा कि अब वह मैदान पर जल्दबाजी नहीं करते, बल्कि संयम के साथ खेलते हैं।
ईशान ने कहा कि 2-3 डॉट गेंदें खेलने से घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि टीम में किसी भी समय बड़े शॉट लगाने की क्षमता मौजूद है। अब वह बेवजह उत्तेजित होकर विकेट फेंकने के बजाय सही गेंद का इंतजार करना पसंद करते हैं।
संजू सैमसन से आगे निकले, पहली पसंद विकेटकीपर बने
ईशान किशन के लगातार आक्रामक और प्रभावशाली प्रदर्शन ने टीम संयोजन में उनकी स्थिति और मजबूत कर दी है। उन्होंने संजू सैमसन को पीछे छोड़ते हुए खुद को टीम इंडिया के लिए पहली पसंद विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में स्थापित कर लिया है।
किशन ने जेजे स्मिट के एक ओवर में चार छक्के जड़कर यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी पहले से कहीं अधिक परिपक्व और मजबूत हो चुके हैं।
पिछले दो वर्षों से संजू सैमसन को विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर तैयार किया जा रहा था, लेकिन ईशान किशन ने मेहनत और निरंतर प्रदर्शन के दम पर सभी को पीछे छोड़ते हुए टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है।
