
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम और पैदल चलने वालों की सुरक्षा के मसले पर राहत मिल सकती है। सरकार ने राजधानी के 60 से अधिक स्थानों पर फुट ओवरब्रिज (FOB) निर्माण की योजना बनाई है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी (PWD) ने फिजिबिलिटी स्टडी की शुरुआत कर दी है।
ईस्ट दिल्ली में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के पास सत्यम एनक्लेव और JNU के बेर सराय क्षेत्र में FOB निर्माण की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जिन जगहों पर भारी पैदल यातायात है, वहां गाड़ियों की गति धीमी हो जाती है और लंबा जाम लगता है। ऐसे स्थानों पर FOB निर्माण से जाम में कमी और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
फिजिबिलिटी स्टडी में क्या होगा
PWD अधिकारी बताते हैं कि फिजिबिलिटी स्टडी में पैदल यात्रियों की संख्या, ट्रैफिक वॉल्यूम और स्थान की उपलब्धता का सर्वे किया जाएगा। जहां पर्याप्त जगह होगी, वहां तुरंत FOB का निर्माण भी किया जाएगा।
विधानसभा क्षेत्रों में मांग
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महरौली: 10 जगहों पर; जैसे किसान हाट के पास अंधेरिया मोड़, छतरपुर मेट्रो स्टेशन, कुतुब मीनार के पास।
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बवाना: 8 जगहें; रोहिणी सेक्टर 24-25, शाहाबाद डेयरी मेन मार्केट रोड।
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नरेला: 6 जगहें।
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जनकपुरी: 5 जगहें; C-1 ब्लॉक, तिलक पुल रेड लाइट, चन्नन देवी हॉस्पिटल।
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मोती नगर: 4 जगहें।
इसके अलावा आदर्श नगर, कीर्ति नगर, मायापुरी, द्वारकाधीश मंदिर और बवाना के कई स्थानों पर भी FOB निर्माण की मांग उठाई गई है।
क्यों जरूरी है FOB
दिल्ली की कई सड़कों पर पैदल यात्री बड़े पैमाने पर रोड क्रॉस करते हैं। इससे न केवल उनकी जान को खतरा रहता है, बल्कि ट्रैफिक जाम भी बढ़ता है। वर्ष 2025 में पैदल रोड क्रॉस करते समय 649 लोग और 2024 में 584 लोगों की जान गई थी। FOB निर्माण से न सिर्फ जाम कम होगा, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
अधिकारियों का दावा: “FOB बनने के बाद जाम की समस्या और दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी। यह दिल्लीवासियों के लिए एक बड़ी राहत होगी।”
