
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बीजेपी की सरकार को एक साल से अधिक हो गया है, लेकिन APMC मंडियों में मंडी चेयरमैन का पद अब भी खाली है। इसके चलते मंडी कमिटी का गठन नहीं हो सका है और व्यापारियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडियों में लाइसेंस रिन्यूअल और नए लाइसेंस की फाइलें लंबित हैं, वहीं प्रस्तावित विकास परियोजनाएं भी अटकी हुई हैं।
व्यापारियों की मांग
व्यापारी संगठन लगातार सरकार से अपील कर रहे हैं कि जल्द ही मंडी चेयरमैन नियुक्त किया जाए और मार्केट कमिटी के चुनाव कराए जाएं। नरेला अनाज मंडी के व्यापारी और पंचायत अध्यक्ष शिवकुमार बिट्ट ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान एलजी और दिल्ली सरकार के बीच विवाद की वजह से यह पद खाली हुआ था। अब नई सरकार बनने के बावजूद मंडियों के विकास कार्यों में देरी देखी जा रही है।
सालों से पेंडिंग हैं दुकानों के आवंटन
नरेला में अनाज व्यापारियों के लिए दुकानों का आवंटन 40 सालों से लंबित है। आजादपुर फल-सब्जी मंडी के व्यापारी संदीप खंडेलवाल ने कहा कि जब मंडी अध्यक्ष का पद खाली था, तब सरकार को अधिकारियों को अधिकार देकर रुके हुए कामों को तेजी से आगे बढ़ाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सरकार पर ध्यान देने का दबाव
व्यापारी चाहते हैं कि मंडी कमिटी के चुनाव जल्द कराए जाएं और लंबित कार्य पूरे किए जाएं। अब जब दिल्ली एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड का गठन हो चुका है और उसकी पहली बैठक संपन्न हो चुकी है, व्यापारियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मंडियों में लंबित कार्य कब तक पूर्ण होंगे।
