Thursday, February 12

राहुल गांधी के आरोपों पर किरेन रिजिजू का पलटवार, बोले- ‘भारत को खरीदने वाला आज तक कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ’

नई दिल्ली। लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को लेकर बुधवार को सदन में तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सरकार पर देश को अमेरिका के हाथों “बेचने” का आरोप लगाए जाने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भड़क उठे और उन्होंने जोरदार पलटवार किया।

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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आज तक कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो भारत को खरीद सके।”

ट्रेड डील को लेकर राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

लोकसभा में बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह समझौता बराबरी की शर्तों पर नहीं हुआ, बल्कि इसमें भारत के हितों को नुकसान पहुंचाया गया है।

राहुल गांधी ने कहा,
“सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया है।”

उन्होंने दावा किया कि इस समझौते में किसानों के हितों को कुचल दिया गया, जैसा आज तक किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया और आगे भी कोई प्रधानमंत्री नहीं करेगा।

रिजिजू ने मांगा सबूत, कहा- आरोप साबित करें

राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि सदन में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और इनके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।

उन्होंने राहुल गांधी से कहा,
“आपने जो भी आरोप लगाए हैं, आपको उन्हें प्रमाणित करना होगा। आपने जो भी बातें कही हैं, उनके गंभीर नतीजे होंगे।”

इस पर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा कि वह अपने आरोपों को प्रमाणित करेंगे।

डेटा को लेकर राहुल गांधी का बड़ा दावा

राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिका और चीन के बीच चल रही वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका भारत के डेटा की है।

उन्होंने कहा,
“अगर अमेरिका महाशक्ति बने रहना चाहता है और डॉलर की रक्षा करना चाहता है, तो अमेरिकियों के लिए भारत का डेटा बहुत महत्वपूर्ण है।”

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कुछ लोग भारत की जनसंख्या को समस्या मानते हैं, लेकिन वह इसे देश की सबसे बड़ी ताकत मानते हैं।

‘इंडिया गठबंधन की सरकार होती तो बराबरी पर होती बातचीत’

राहुल गांधी ने कहा कि यदि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार होती, तो अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर बातचीत बराबरी के स्तर पर होती।

उन्होंने कहा कि तब अमेरिका को साफ संदेश दिया जाता कि भारत उनके नौकर नहीं हैं और भारत अपने किसानों, ऊर्जा और डेटा की सुरक्षा करेगा।

टैरिफ और ऊर्जा सुरक्षा पर भी उठाए सवाल

राहुल गांधी ने दावा किया कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में टैरिफ पहले लगभग 3 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि वहीं अमेरिकी उत्पादों पर भारत में शुल्क 16 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते के बाद अब अमेरिका यह तय करेगा कि भारत किस देश से तेल खरीदेगा, जबकि यह फैसला प्रधानमंत्री को करना चाहिए।

सदन में बढ़ा राजनीतिक तनाव

राहुल गांधी के आरोपों और किरेन रिजिजू के तीखे जवाब के बाद लोकसभा में माहौल गरमा गया। भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और अधिक तेज हो गया है।

सदन में इस मुद्दे पर बहस के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि आने वाले दिनों में व्यापार समझौते को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक संघर्ष और बढ़ सकता है।

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