
नई दिल्ली: बिहार के पटना हॉस्टल कांड की पीड़िता की न्याय की उम्मीद टूटने पर उसके माता-पिता मजबूरन दिल्ली पहुँच गए और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर बिहार में उन्हें न्याय मिल जाता, तो उन्हें राजधानी तक आने की जरूरत नहीं पड़ती।
भावुक पिता ने कहा, “मैं अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ूंगा।” उनकी बात को दोहराते हुए मां ने कहा, “मुझे मेरी बेटी के लिए इंसाफ चाहिए। अगर बिहार में न्याय मिलता तो हम दिल्ली क्यों आते?”
बता दें कि पटना में एक NEET छात्रा हॉस्टल में रहकर इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थी। पीड़ित छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न होने का दावा किया जा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों ने मामले में किसी यौन या पेनिट्रेटिव हमले की पुष्टि नहीं की है।
छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित
इस घटना के बाद हॉस्टल की अन्य छात्राएं अपनी पढ़ाई शुरू नहीं कर पा रही हैं। पिछले महीने ही पीड़ित छात्रा के माता-पिता हॉस्टल के बाहर विरोध कर चुके थे और आरोप लगाया था कि हॉस्टल अथॉरिटी सहयोग नहीं कर रही।
पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
पटना पुलिस ने मामले में जांच जारी रखते हुए दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें चित्रगुप्त नगर पुलिस स्टेशन की स्टेशन हाउस ऑफिसर रोशनी कुमारी और कदमकुआं पुलिस स्टेशन के एडिशनल स्टेशन हाउस ऑफिसर हेमंत झा शामिल हैं।
फॉरेंसिक जांच में नई जानकारी
एफएसएल टीम ने जांच के दौरान मृतक छात्रा के अंडरगारमेंट पर इंसान के स्पर्म के निशान पाए हैं। इन सैंपल से DNA प्रोफाइल तैयार की जा रही है, जिसका इस्तेमाल गिरफ्तार आरोपी और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम द्वारा संदिग्धों के DNA से मिलान करने के लिए किया जाएगा।
पीड़ित परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले।