
ढाका। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से ठीक पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारत के साथ सीमा और पानी के बंटवारे को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया है। पार्टी के चेयरमैन और संभावित प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारतीय बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) पर आरोप लगाया कि सीमा पर वे स्थानीय लोगों के साथ ज्यादती कर रहे हैं।
तारिक रहमान ने चुनावी रैलियों में कहा, “अगर बीएनपी सत्ता में आती है, तो हमारी प्राथमिकता BSF द्वारा सीमा पर होने वाली हत्याओं को रोकना होगी। हम सुनिश्चित करेंगे कि सीमा पर हालात नियंत्रित हों और लोगों को सुरक्षा मिले। इसके अलावा, भारत के साथ साझा नदियों जैसे तीस्ता और पद्मा से पानी का उचित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।”
‘सबसे पहले बांग्लादेश’ नीति अपनाएंगे
बीएनपी के घोषणापत्र में विदेश नीति को लेकर स्पष्ट संकेत दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि उनकी सरकार सभी देशों के साथ दोस्ताना संबंध बनाएगी, लेकिन किसी को बांग्लादेश में दखल की अनुमति नहीं दी जाएगी। पड़ोसी देशों के साथ-साथ खाड़ी देशों के साथ भी रणनीतिक साझेदारी बनाने पर जोर दिया गया है।
घोषणापत्र में यह भी उल्लेख है कि बांग्लादेश की जमीन पर किसी भी आतंकवादी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो पाकिस्तान और भारत से संबंधित सुरक्षा चिंताओं का समाधान करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन का खारिज
तारिक रहमान ने स्पष्ट किया कि बीएनपी जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “मैं अपने राजनीतिक विरोधियों के साथ सरकार कैसे बना सकता हूं। अगर वे भी सरकार में होंगे, तो विपक्ष कौन होगा। हमें उम्मीद है कि विपक्ष अच्छी भूमिका निभाएगा।”
विशेषज्ञों का मानना है कि बीएनपी ने इस चुनाव में सीमा सुरक्षा और जल संसाधन साझा करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता देकर भारत-नेपाल-चीन त्रिकोणीय प्रभाव क्षेत्र में अपनी मजबूती दिखाने की कोशिश की है।
बांग्लादेश में मतदान 12 फरवरी को होगा और मतगणना के बाद 13 फरवरी को परिणाम आने की संभावना है।