Saturday, February 7

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर लगी अंतिम मुहर, 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार का रास्ता खुला: पीयूष गोयल

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में रही ट्रेड डील अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि इस समझौते के तहत अमेरिका से भारत में किन वस्तुओं का आयात होगा और भारतीय निर्यातकों को किस प्रकार के अवसर मिलेंगे।

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व्हाइट हाउस की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देशों ने व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमति बना ली है। इसे भारत के लिए आर्थिक और व्यापारिक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार तक पहुंचेगा भारत

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते की सराहना करते हुए कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (करीब ₹27 लाख करोड़ करोड़) के विशाल अमेरिकी बाजार का रास्ता खुल जाएगा। उन्होंने कहा कि इस डील से विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs), किसानों और मछुआरों को बड़ा फायदा होगा।

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में यह समझौता संभव हो पाया है, जिससे भारत की निर्यात क्षमता को नई ऊंचाई मिलेगी।

लाखों नई नौकरियों का दावा

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि इस डील के लागू होने के बाद भारतीय निर्यात में तेज बढ़ोतरी होगी, जिससे देश में लाखों नई नौकरियां पैदा होने की संभावना है। खास बात यह है कि इनमें से बड़ी संख्या में रोजगार अवसर महिलाओं और युवाओं के लिए होंगे।

उन्होंने कहा कि निर्यात में वृद्धि सीधे तौर पर उद्योगों को गति देगी और देश की अर्थव्यवस्था में मजबूती लाएगी।

अमेरिका ने टैरिफ घटाकर 18% किया

गोयल ने बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है। इससे भारत के लिए दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में व्यापार के बड़े अवसर खुलेंगे।

इन सेक्टरों को होगा सबसे अधिक फायदा

इस ट्रेड डील से कई अहम क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें शामिल हैं—

  • कपड़ा और परिधान उद्योग

  • चमड़ा और जूते

  • प्लास्टिक और रबर उत्पाद

  • ऑर्गेनिक रसायन

  • होम डेकोर और सजावटी सामान

  • हस्तनिर्मित वस्तुएं

  • कुछ खास मशीनरी उत्पाद

इसके अलावा कई महत्वपूर्ण उत्पादों पर टैरिफ शून्य (Zero Tariff) कर दिया गया है, जिससे निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी।

इन वस्तुओं पर जीरो टैरिफ का लाभ

अमेरिका ने जिन उत्पादों पर टैरिफ शून्य करने का फैसला लिया है, उनमें प्रमुख हैं—

  • जेनेरिक दवाएं

  • रत्न और हीरे

  • विमान के पुर्जे

इस कदम से भारत की मेक इन इंडिया पहल को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है और भारतीय कंपनियां वैश्विक बाजार में और प्रतिस्पर्धी बन सकेंगी।

विमान और ऑटो सेक्टर को भी राहत

समझौते के तहत भारत को विमान के पुर्जों पर सेक्शन 232 के अंतर्गत छूट मिलेगी। साथ ही ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा लागू किया जाएगा। इससे इन क्षेत्रों में निर्यात बढ़ने और निवेश आने की संभावना है।

डेयरी और कृषि उत्पादों को रखा सुरक्षित

पीयूष गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस ट्रेड डील में भारत के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हितों की पूरी तरह सुरक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि भारत ने कई संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा है।

सुरक्षित रखे गए उत्पादों में शामिल हैं—

  • मक्का

  • गेहूं

  • चावल

  • सोयाबीन

  • मुर्गी पालन उत्पाद

  • दूध और पनीर

  • इथेनॉल

  • तंबाकू

  • कुछ सब्जियां

  • मांस आदि

गोयल ने कहा कि यह कदम भारत की ग्रामीण आजीविका और किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की नीति को दर्शाता है।

निर्यात को मिलेगा बूस्ट, भारत की अर्थव्यवस्था होगी मजबूत

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील से भारत के निर्यात क्षेत्र को नया बूस्ट मिलेगा। इससे विदेशी मुद्रा आय बढ़ेगी, उद्योगों को विस्तार मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

कुल मिलाकर यह समझौता भारत के व्यापारिक भविष्य के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे भारतीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की नई ताकत मिलेगी।

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