
नई दिल्ली। सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस भारतीय महिलाओं की पहचान रहा है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है लीना नायर की, जिन्होंने महाराष्ट्र के कोल्हापुर से निकलकर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित लग्जरी फैशन ब्रांड Chanel की कमान संभाली। आज लीना नायर न सिर्फ एक सफल बिजनेस लीडर हैं, बल्कि वह भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान और नेतृत्व क्षमता का भी प्रतीक बन चुकी हैं।
लीना नायर वर्तमान में फ्रांस के मशहूर लग्जरी ब्रांड Chanel की ग्लोबल CEO हैं। उन्होंने दिसंबर 2021 में यह जिम्मेदारी संभाली थी और इसके बाद से उनका नाम दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिला लीडर्स में गिना जाने लगा।
कोल्हापुर में हुआ जन्म, परिवार ने शिक्षा को बनाया ताकत
लीना नायर का जन्म 11 जून 1969 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक हिंदू मलयाली परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा आधार मानते थे। इसी कारण लीना को बचपन से ही पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया गया।
उन्होंने होली क्रॉस कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई की और वह स्कूल के पहले महिला ग्रेजुएट बैच का हिस्सा भी रहीं। बचपन से ही उनमें नेतृत्व क्षमता और आगे बढ़ने का जज्बा साफ दिखाई देता था।
इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल, XLRI से MBA
लीना नायर ने इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की और गोल्ड मेडल के साथ ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने भारत के प्रतिष्ठित संस्थान XLRI जमशेदपुर से 1992 में MBA किया।
वे अपने परिवार में हायर एजुकेशन हासिल करने वाली पहली महिला भी बनीं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
HUL से शुरू हुआ करियर, पुरुष-प्रधान माहौल में बनाई पहचान
लीना नायर ने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) में समर इंटर्न के रूप में की। जल्द ही उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें 1992 में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर नियुक्त कर लिया गया।
उन्होंने फैक्ट्रियों, सेल्स ऑफिस और कॉर्पोरेट हेडक्वार्टर जैसे अलग-अलग स्तरों पर काम किया। पुरुषों के दबदबे वाले कॉर्पोरेट माहौल में भी उन्होंने अपनी मेहनत और समझदारी से खुद को साबित किया और एक मजबूत पहचान बनाई।
HUL में रचा इतिहास, बनीं पहली महिला लीडर
2007 तक लीना नायर ह्यूमन रिसोर्स की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बन गईं। यह उपलब्धि उन्हें कंपनी के सबसे कम उम्र के लीडर्स में शामिल करती है। साथ ही वह HUL की मैनेजमेंट कमेटी में शामिल होने वाली पहली महिला भी बनीं।
फोर्ब्स के मुताबिक, लीना नायर ने यूनिलीवर में 50-50 जेंडर बैलेंस हासिल करने में अहम भूमिका निभाई।
2016 में उन्होंने इतिहास रचते हुए यूनिलीवर की—
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पहली महिला CHRO
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पहली एशियाई CHRO
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सबसे कम उम्र की CHRO
बनने का गौरव हासिल किया।
Chanel की CEO बनीं, पहली भारतीय महिला बॉस
दिसंबर 2021 में लीना नायर को Chanel का CEO नियुक्त किया गया। यह खबर दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी, क्योंकि Chanel के 100 साल से ज्यादा पुराने इतिहास में—
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लीना नायर पहली भारतीय CEO
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और दूसरी महिला CEO
बनीं। उनसे पहले मौरीन चिक्वेट ने 2007 से 2016 तक Chanel का नेतृत्व किया था।
PM मोदी से मुलाकात ने दिखाया भारत का ग्लोबल प्रभाव
जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेरिस यात्रा के दौरान लीना नायर से मुलाकात हुई थी। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं मानी गई, बल्कि इसे वैश्विक बिजनेस में भारत की मजबूत होती भूमिका के संकेत के रूप में देखा गया।
सम्मान और उपलब्धियों की लंबी सूची
लीना नायर को कई अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा गया है। 2025 में उन्हें ब्रिटेन का प्रतिष्ठित सम्मान Commander of the Order of the British Empire (CBE) प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन्हें रिटेल और कंज्यूमर इंडस्ट्री में उनके नेतृत्व और प्रभाव के लिए दिया गया।
इसके अलावा—
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2021 में फोर्ब्स की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में 68वीं रैंक
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2017 में ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ II की ओर से सम्मान
जैसे बड़े सम्मान भी उन्हें मिल चुके हैं।
कितनी दौलतमंद हैं लीना नायर?
लीना नायर की सफलता सिर्फ पद और प्रतिष्ठा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी उनकी उपलब्धियों का प्रमाण है। रिपोर्ट के अनुसार, लीना नायर की अनुमानित नेट वर्थ करीब 4 करोड़ अमेरिकी डॉलर है, जो भारतीय रुपये में लगभग 362 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है।
निजी जीवन भी सादा, परिवार को देती हैं प्राथमिकता
लीना नायर की शादी कुमार नायर से हुई है, जो एक फाइनेंशियल सर्विसेज एंटरप्रेन्योर हैं। इस दंपती के दो बेटे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शीर्ष पद पर होने के बावजूद लीना नायर को एक संतुलित और साधारण निजी जीवन जीने वाली महिला माना जाता है।
निष्कर्ष
कोल्हापुर की एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर Chanel जैसी ग्लोबल लग्जरी कंपनी की CEO बनना आसान नहीं था। लेकिन लीना नायर ने साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत, शिक्षा और आत्मविश्वास के दम पर दुनिया की कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है। उनकी कहानी आज करोड़ों युवाओं, खासकर भारतीय महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है।