
कानपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आमिर जैदी को घाटमपुर थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ रेप और धर्मांतरण के दबाव के मामले में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।
पुलिस ने छह किलोमीटर तक पीछा कर पकड़ा आरोपी
सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने स्कूटी से आरोपी का पीछा किया और करीब 6 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद आमिर जैदी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी का जुलूस निकाला गया और उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
क्या हैं आरोप?
पीड़िता का आरोप है कि उसके पिता के निधन (2013) के बाद आमिर जैदी ने उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू किया। पिछले साल सितंबर में जब युवती की शादी तय हुई, तो आमिर ने अपने सहयोगियों शनि उर्फ सनी अब्बास, रिजवी और राजा उर्फ अख्तर अंसारी के साथ मिलकर उसे परेशान करना शुरू किया। आरोपी ने उसे मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाने का प्रयास किया।
पीड़िता का कहना है कि मना करने पर आमिर ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी फोटो और वीडियो उसके होने वाले ससुराल पक्ष को भेजना शुरू किया। अक्टूबर में सगाई के बाद उसने युवती के मंगेतर और परिजनों को धमकियां दी और जान से मारने की चेतावनी भी दी।
पुलिस कार्रवाई और पहले के मामले
युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आमिर जैदी और तीन अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि आमिर को कार्रवाई की भनक लगते ही वह बाइक से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
आमिर जैदी पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2020 में घाटमपुर दौरे के दौरान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को काला झंडा दिखाने के मामले में भी उस पर केस दर्ज हुआ था।