
सना/वॉशिंगटन: अमेरिका द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई की संभावनाओं के बीच यमन के हूती विद्रोही लाल सागर में अमेरिकी और इजरायली जहाजों पर हमले की तैयारी कर रहे हैं। हूतियों ने ईरान के समर्थन में इस क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन तैनात किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत हमला किया जा सके।
इजरायली पब्लिक ब्रॉडकास्टर KAN न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के सुरक्षा तंत्र इस अनुमान के तहत काम कर रहे हैं कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो यमन से उन्हें चुनौती मिल सकती है। पिछले दो साल में हूतियों ने कई बार लाल सागर में विरोधियों के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं। अक्टूबर 2023 में गाजा हमलों के बाद भी उन्होंने इजरायली और अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया था।
हूती विद्रोहियों की रेड सी कॉरिडोर में तैनाती और नए हमले की धमकी अमेरिका और इजरायल के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकती है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में किसी भी बड़े संघर्ष की स्थिति से अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात प्रभावित हो सकता है।
ईरान-अमेरिका वार्ता पर असर
बीते दिनों ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के संकेत भी मिले हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघगची ने कहा कि वे अमेरिका के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं और दोनों देशों के अधिकारी तुर्की के इस्तांबुल में बैठक कर सकते हैं।
हालांकि, अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार चेतावनी दी है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता है, तो सैन्य विकल्प पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने अमेरिकी युद्धपोतों के ईरान की ओर बढ़ने का संकेत भी दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लाल सागर में हूतियों की तैयारियों और ईरान-अमेरिका के तनाव के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं।