
उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर किए गए आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर में 2014 बैच की आईपीएस अधिकारी चारू निगम का नाम भी शामिल है। चारू निगम अब सुल्तानपुर जिले की नई एसपी बन गई हैं। इससे पहले वह गाजियाबाद में 47वीं वाहिनी पीएसी की सेनानायक थीं।
भूमाफिया और माफियाओं पर कार्रवाई में रही सक्रिय
ताजनगरी आगरा की रहने वाली चारू निगम ने अपनी पढ़ाई दिल्ली से की है। बीटेक डिग्रीधारी चारू ने 2013 में UPSC परीक्षा पास कर 2014 में झांसी जिले में अपनी पहली पोस्टिंग पाई। शुरुआती वर्षों में उन्होंने खनन, शराब माफियाओं, पशु तस्करी और चरस-गांजे की तस्करी में सक्रियता दिखाई और कई मामलों में कानून का डंडा चलाया।
बीजेपी विधायक से हुई तीखी बहस
2107 में गोरखपुर में सीओ के रूप में तैनात चारू निगम उस समय सुर्खियों में आईं, जब कच्ची शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों के साथ पुलिस कार्रवाई पर उनके और स्थानीय बीजेपी विधायक के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिसमें चारू निगम को चोट आई थी।
50 किलो चांदी की लूट का खुलासा
चारू निगम की पोस्टिंग बाद में औरैया में एसपी के रूप में हुई। जून 2023 में आगरा के एक कारोबारी से 50 किलो चांदी की लूट हुई थी। चारू निगम ने मामले का खुलासा करने के लिए टीम बनाई। जांच में पता चला कि यह लूट यूपी पुलिस के ही एक इंस्पेक्टर, दरोगा और हेड कॉन्सटेबल ने मिलकर अंजाम दी थी। लूटी हुई चांदी इंस्पेक्टर के आवास से बरामद की गई।
चारू निगम की सक्रियता और निष्पक्ष रवैये ने उन्हें सुल्तानपुर की नई एसपी के रूप में पहचान दिलाई है। उनका करियर अपराधियों के खिलाफ साहसिक कार्रवाई और भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए जाना जाता है।