Wednesday, February 4

बिहार में 50 हजार ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने का खतरा, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई की तैयारी

पटना। बिहार में लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग अब सख्त रुख अपनाने जा रहा है। राज्य में करीब 50 हजार से अधिक चालकों की सूची तैयार की गई है, जिनके खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है। परिवहन विभाग का यह कदम सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है।

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इस संबंध में बिहार के राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभाग के वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क पर नियम तोड़ने वालों के प्रति अब किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

बार-बार नियम तोड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

परिवहन आयुक्त ने कहा कि ऐसे चालक जो बार-बार हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप, गलत साइड ड्राइविंग जैसे नियमों की अनदेखी करते हैं, उनके खिलाफ लाइसेंस सस्पेंड और कैंसिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियम उल्लंघन करने वाले चालकों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।

50 हजार से अधिक मामलों में हो सकती है कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, पुलिस और यातायात विभाग से प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर 50 हजार से अधिक मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द किए जाने की संभावना है। विभाग का मानना है कि बार-बार नियम तोड़ने वाले चालक सड़क पर खुद के साथ-साथ दूसरों की जान भी खतरे में डालते हैं।

अखबारों में प्रकाशित होंगे नियम तोड़ने वालों के वाहन नंबर

परिवहन विभाग ने संकेत दिया है कि अब लाइसेंस रद्द या निलंबित करने से पहले नियम तोड़ने वाले वाहनों के नंबर अखबारों में आम सूचना के माध्यम से प्रकाशित किए जाएंगे। इससे संबंधित वाहन मालिकों को नोटिस मिल जाएगा और साथ ही सार्वजनिक रूप से उनकी पहचान भी उजागर होगी।

विभाग का कहना है कि यह कदम लोगों में डर और अनुशासन पैदा करेगा, जिससे ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़ेगा।

पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर सबसे आगे

परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जिले ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों में सबसे आगे हैं। यहां चालक बार-बार हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने, ओवरस्पीडिंग करने और रेड लाइट तोड़ने जैसी घटनाओं में शामिल पाए गए हैं।

सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा कदम

परिवहन विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और अनुशासन कायम करना है। विभाग ने साफ किया है कि नियम तोड़ने वालों को अब चेतावनी नहीं बल्कि सीधी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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