
पटना: मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने मंगलवार को अदालत की अनुमति के बाद बिहार विधानसभा में शपथ ली। शपथ ग्रहण के दौरान उनका विधानसभा पहुंचना और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात चर्चा का विषय बना रहा।
औपचारिक परिधान में माथे पर तिलक और गले में मालाएं पहने अनंत सिंह सदन पहुंचे। शपथ लेने के बाद उन्होंने विधानसभा की डायरी में हस्ताक्षर किए और अध्यक्ष प्रेम कुमार का अभिवादन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के दौरान अनंत सिंह ने उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त बातचीत भी हुई। मुख्यमंत्री ने भी हाथ जोड़कर उनका अभिवादन स्वीकार किया।
दो दशक पुराना राजनीतिक रिश्ता
अनंत सिंह और नीतीश कुमार के संबंध करीब दो दशक पुराने माने जाते हैं। 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों की राजनीतिक नजदीकियां चर्चा में आई थीं। 2005 में सत्ता परिवर्तन के बाद अनंत सिंह जेडीयू के टिकट पर मोकामा से विधायक बने। हालांकि बाद के वर्षों में आपराधिक मामलों और बदले राजनीतिक समीकरणों के चलते दोनों के रिश्तों में दूरी भी आई। अब एक बार फिर वे जेडीयू के विधायक के रूप में सदन में लौटे हैं।
‘छोटे सरकार’ के नाम से पहचान
अनंत सिंह बिहार की राजनीति के चर्चित नेताओं में गिने जाते हैं और समर्थकों के बीच ‘छोटे सरकार’ के नाम से जाने जाते हैं। वे मोकामा सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार और बेबाक शैली के कारण वे लगातार सुर्खियों में रहे हैं। साथ ही उनका नाम विभिन्न आपराधिक मामलों में भी जुड़ता रहा है, जिसके कारण उन्हें कई बार न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ा।
फिलहाल न्यायिक हिरासत में
अनंत सिंह वर्तमान में 2025 के एक हत्या मामले में आरोपित हैं और पटना की बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। अदालत से विशेष अनुमति मिलने के बाद उन्हें शपथ ग्रहण के लिए विधानसभा लाया गया था। शपथ की औपचारिकता पूरी करने के बाद उन्हें पुनः जेल भेज दिया गया।
राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को सत्ता और विपक्ष दोनों की नजर से देखा जा रहा है, जबकि समर्थकों के लिए यह अनंत सिंह की राजनीतिक वापसी का प्रतीक माना जा रहा है।