
पटना: बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश किया, जिसका कुल आकार 3,47,589.76 करोड़ रुपए रखा गया है। यह पिछले वर्ष के 3.17 लाख करोड़ रुपए के बजट से लगभग 30 हजार करोड़ अधिक है।
वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ‘सात निश्चय-3’ के माध्यम से बिहार को विकसित राज्यों की कतार में लाना है। इस बजट में गरीबी उन्मूलन और समावेशी विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत 94 लाख गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की विशेष योजनाओं की घोषणा की गई है।
विकास के ‘पांच मंत्र’
वित्त मंत्री ने बिहार के विकास का रोडमैप साझा करते हुए पांच मूल स्तंभों की पहचान की – ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान। इन पर आधारित योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, पारदर्शी शासन, आधुनिक तकनीक, युवाओं की आकांक्षाएँ और सामाजिक गौरव को बजट की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
महिलाओं को मिली 1.56 करोड़ की आर्थिक सहायता
बजट भाषण के दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी जोर दिया गया। वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य की 1.56 करोड़ महिलाओं को अब तक 10-10 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। आगामी योजनाओं में महिला उद्यमिता और सामाजिक उत्थान के लिए फंड के दायरे को और बढ़ाने का प्रस्ताव है।
विकसित बिहार का संकल्प
बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का उद्देश्य 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाना और उन्हें स्थायी आर्थिक स्वतंत्रता दिलाना है।
वित्त मंत्री ने सदन में कहा, “विकास की गति तेज करने और बिहार को प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए यह बजट ऐतिहासिक कदम साबित होगा। हमारा ध्यान हर गरीब और हर महिला तक लाभ पहुँचाने पर केंद्रित है।”