Tuesday, February 3

अन्तःफसली खेती से किसानों की आय में कई गुना वृद्धि होगी: सीएम योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाई पर ले जाने का सबसे प्रभावी तरीका गन्ना के साथ तिलहनी एवं दलहनी अन्तःफसली खेती को बड़े पैमाने पर लागू करना है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल गन्ना किसानों की आय को दोगुना ही नहीं, बल्कि कई गुना बढ़ाने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री सोमवार को इस विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उड़द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल से किसानों को अतिरिक्त उत्पादन, कम लागत और वर्ष भर स्थिर आय का लाभ मिलेगा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और एकल फसल पर निर्भरता से होने वाला जोखिम भी कम होगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि योग्य भूमि का क्षैतिज विस्तार संभव नहीं है, इसलिए ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रति इकाई क्षेत्रफल उत्पादन बढ़ाना ही एकमात्र विकल्प है। गन्ना आधारित अंतःफसली खेती को उन्होंने प्रदेश के कृषि भविष्य का नया मॉडल बताते हुए कहा कि यह किसानों को अधिक उत्पादन, अधिक आय और जोखिम से सुरक्षा प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू किया जाए। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 29.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती हो रही है, जिसमें 14.64 लाख हेक्टेयर नया बोया गया क्षेत्र और 14.86 लाख हेक्टेयर पेड़ी शामिल है। इतने व्यापक क्षेत्र में तिलहन और दलहन की अंतःफसल जोड़ने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्रदेश को तिलहन-दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक आधार पर अंतःफसलों का चयन करने के निर्देश दिए। आईआईएसआर की सिफारिशों के अनुरूप रबी सीजन में सरसों और मसूर तथा जायद सीजन में उड़द और मूंग को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने की पैदावार प्रभावित किए बिना अतिरिक्त फसल, अतिरिक्त लाभ और अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराना ही इस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने इस योजना के लिए वर्षवार रोडमैप तैयार करने और इसे प्रदेश के व्यापक कृषि परिवर्तन के रूप में लागू करने के निर्देश दिए

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